बेटे ने मुझे रसोई में पकड़ा

हैलो दोस्तों मेरा नाम इंदुलेखा है मैं आपके लिये अपनी hindi incest sexy story लेकर आई हूं आप इस maa beta sex story में पढ़ेगे कैसे मेरे बेटे ने मुझे रसोई में पकड़ा और मेरी चुदाई कर दी आपको यह hindi incest sexy story पढ़के मज़ा आयेगा अब मैं अपनी maa beta sex story पर आती हूं

Hindi incest Sexy Story

मैं चालीस साल की उम्र की एक बेहद खूबसूरत और आकर्षक महिला हूं और मेरा रूप रंग आज भी पच्चीस साल की किसी भी जवान लड़की को आसानी से पीछे छोड़ देता है

क्योंकि मेरा बदन बहुत ही ज्यादा गठीला और एकदम फिट है जिसकी वजह से मेरी बढ़ती उम्र का जरा भी अंदाजा नहीं होता और लोग मेरी इस लाजवाब सुंदरता को देखकर दंग रह जाते हैं

मेरे मम्में टाइट है गोल गोल गांड है कमर चौड़ी है पर पतली है गांड की उभार बाहर की तरफ है मेरे चेहरे के नैन नक्श बहुत ही ज्यादा सुंदर और कातिलाना हैं जिन्हें देखकर कोई भी सम्मोहित हो सकता है

मेरी आखों तथा चेहरे की बनावट में एक ऐसा अनोखा आकर्षण है जो किसी को भी पल भर में अपना दीवाना बना सकता है मेरे मम्मों का साइज 34 है मैं मस्त माल हूं

पर यदि यह मस्त माल आपके लिए हो सकती थी तो सच में बहुत ही ज्यादा अच्छा लगता और मन को एक अलग ही खुशी मिलती क्योंकि ऐसी खूबसूरत चीज हर किसी को नसीब नहीं होती है पर अपने बेटे से चुद गई वो थोड़ा ठीक नहीं लगा

पर वो भी बेचारा क्या करता जब मै हरकतें ही ऐसी करती थी और हमेशा खुद को बहुत ही ज्यादा हॉट और सेक्सी तरीके से रखती थी कि कोई भी अपनी नजरें मुझ पर से हटा ही नहीं पाता था

मेरी इन्हीं कातिलाना अदाओं की वजह से सामने वाला पूरी तरह से मेरे वश में हो जाता था क्योंकि मेरा अंदाज ही ऐसा था कि लोग बस मुझे ही देखते रह जाते थे इसलिये वो मुझे चोद दिया

शायद उसके बस में भी नहीं रहा था अपने आप को संभाल पाना क्योंकि मेरा रूप ही ऐसा था अब मैं सीधे sexy kahani पर आती हूं मेरे घर में मैं मेरा बेटा सौरव और मेरा पति संजीव रहते हैं

पर पति की ट्रांसफर अभी दूसरे सिटी में हो गया है इसीलिये घर पर मैं और मेरा बेटा दोनों ही अकेले हैं और हम दोनों ही साथ रहते हैं क्या इस अकेलेपन की वजह से ही हमारी जिंदगी में एक नया मोड़ आने वाला था जो सब कुछ बदलने वाला था

तो दोस्तों मैं चुड़क्कड़ किस्म की औरत हूं sexy kahani मुझे बहुत अच्छी लगती है और जब पति नहीं होते है तो sexy kahani com पर आकर हॉट कहानियां पढ़ कर फिर अपनी चूत में उंगली कर लेती हूं और फिर सो जाती हूं तकिया जांघ के बीच में रखकर

मेरा बेटा दूसरे कमरे में सोता है एक दिन की बात है सुबह का समय था मेरा बेटा सोया था तभी मैं उठ गई और रसोई में नास्ता बना रही थी उस दिन मुझे अपने एक रिश्तेदार के यहां जाना था इसलिये साडी पहनना था

तो नहा धोकर मैं रसोई में थी और जल्दी जल्दी सुबह के सारे काम निपटा रही थी ताकि समय पर तैयार होकर वहां पहुंच सकूं क्योंकि रिश्तेदारों के घर सुबह जल्दी पहुंचना ही ठीक रहता है और इसी वजह से मैं सुबह की शांति में अकेली ही रसोई का सारा काम संभाल रही थी

मैं सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थी क्योंकि रसोई का काम खत्म करने के बाद मुझे सीधे साडी ही लपेटनी थी और सुबह की उस हल्की गर्मी में रसोई के अंदर साडी संभालना थोड़ा मुश्किल लग रहा था इसीलिये मैं उसी हालत में चाय और नास्ता तैयार करने में जुटी हुई थी ताकि सारे काम निपटा कर आराम से तैयार हो सकूं

बड़े बड़े मम्मों का उभार ब्लाउज से दिखाई दे रहा था और कमर के नीचे पेटीकोट बांध रखी थी तो पेट गोल और गांड पीछे की तरफ उभार लिये था

नहाने की वजह से मेरे बाल बिल्कुल गीले थे जो मेरे पीछे खुले लटक रहे थे और ब्लाउज पेटीकोट के साथ उन भीगे बालों के जुड़ाव से मैं बहुत ही ज्यादा हॉट लग रही थी क्योंकि मेरा गठीला बदन इस रूप में और भी ज्यादा निखर कर सामने आ रहा था जिसे देखकर कोई भी अपना दिल हार बैठता

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तभी अचानक मेरा बेटा सोकर कमरे से बाहर आया और पीछे से आकर उसने मुझे अपनी बांहों में भर लिया और अपना सिर सीधे मेरे कंधे पर टिका दिया वो बिल्कुल मेरे पीछे सट कर खड़ा था और उसने प्यार से मुझे गुड मॉर्निंग बोला

जिसके जवाब में मैंने भी कहा गुड मॉर्निग बेटा और मैं बहुत ही लाड से उसके ऊपर अपना हाथ फेरने लगी ताकि उसे मेरी ममता और प्यार का पूरा अहसास मिल सके

वह और भी ज्यादा दुलार में आ गया और अपनी तोतली आवाज में बेहद लाड दिखाते हुए कहने लगा कि मैं बहुत प्याल कलता हूं आपको

तो मैं भी उसकी इस प्यारी सी हरकत पर पूरी तरह से रीझ गई और तुरंत बोली कि मैं भी आपसे बहुत सारा प्यार करती हूं जिसके बाद हमारा आपसी जुड़ाव और भी ज्यादा गहरा हो गया क्योंकि सुबह के वक्त बच्चे का ऐसा निश्छल और मीठा दुलार दिन भर की सारी थकान और चिंताओं को पल भर में दूर कर देता है

फिर उसने बहुत ही मासूमियत से कहा कि आप तो मुझे सिर्फ एक बेटे वाला ही सामान्य प्यार करती हो लेकिन मैं तो आपको अपनी जिंदगी का सब कुछ मानता हूं जिसमें आप मेरी मां बहन टीचर गुरु और मेरी गर्लफ्रेंड भी हो

तो उसकी यह बात सुनकर मैं मुस्कुरा दी और बहुत ही सहजता से बोली कि मैं भी तुम्हें वह सब प्यार देती हूं जो जो तुम मुझसे मांगते हो क्योंकि एक मां अपने बच्चे की हर खुशी और उसकी हर इच्छा को पूरा करने के लिए हमेशा तैयार रहती है

इसके बाद उसने अपनी बात पूरी करते हुए कह दिया कि आप मुझे बाकी सब प्यार देते हो पर गर्लफ्रेंड का प्यार कभी नहीं देती हो और यह बोलते ही वो पीछे से मेरे शरीर से एकदम सट कर चिपक गया

जिसके कारण मुझे उसके बेहद करीब होने का अहसास साफ तौर पर होने भी लगा था और किचन में काम करते हुए मुझे उसकी सांसों की गर्माहट अपनी पीठ पर महसूस हो रही थी जो बहुत ही हैरान करने वाली थी

मैं थोड़ा सहम सी गई थी क्यों की उसका शारीरिक स्पर्श और उसकी बातें सामान्य बच्चों जैसी नहीं लग रही थीं और उस समय किचन में अकेले होने के कारण मेरे मन में एक अजीब सी घबराहट पैदा होने लगी थी

जिसके कारण मैं अपनी जगह पर बिल्कुल स्थिर हो गई और सोचने लगी कि मुझे उसे इस बात के लिए कैसे टोकना चाहिए क्यों की उसका मोटा लंड मेरी गांड के बीच में आ गया था और धीरे धीरे खड़ा हो रहा था तो मुझे उसके लंड का बड़ा होना और मेरे जिस्म से टकराना महसूस हो रहा था

मैंने अपने बेटे को खुद से दूर हटने के लिए कहा पर उसने तुरंत ही मुंह बनाकर कह दिया कि हो गया ना आपका प्यार करना और मैंने तो आपसे पहले ही कहा था ना कि आप मुझे गर्लफ्रेंड की तरह प्यार नहीं करती हो और सिर्फ दिखावा करती हो जिससे किचन का माहौल और भी ज्यादा अजीब होने लगा था

इसलिये आज से मैं अपने लिये एक गर्लफ्रेंड बनाऊंगा और मेरे दोस्त की बहन सुमन तो मुझे लाइन भी दे रही है और यह सुनते ही मेरा पारा चढ़ गया

जिससे मुझे सुमन का नाम आते ही गहरा झटका लगा और मैं तुरंत उसको जोर से डांट दी और सख्ती से बोल दी कि हमेशा अलग रह उस लड़की से वो अच्छी नहीं है और मैं नहीं चाहती कि तुम उसके चक्कर में पड़कर अपनी पढ़ाई और जिंदगी खराब करो

वो कई लड़कों के साथ घूमती है कई बार रात रात भर नहीं आती है घर पर कहती है दोस्त के यहां जा रही हूं पर वो लड़के के साथ होटल में होती है

इसी वजह से मैं तुम्हें उस जैसी आवारा लड़की से पूरी तरह दूर रहने की हिदायत दे रही हूं क्योंकि उसका चाल चलन पूरे इलाके में खराब है और मैं कभी नहीं चाहूंगी कि मेरा इकलौता बेटा ऐसी गलत संगत में पड़कर अपना भविष्य पूरी तरह से बर्बाद कर ले

तो मेरा बेटा तुरंत कह दिया कि फिर आप मुझे किसी बात के लिए मत रोका करो और मैं आपकी बात मानकर आगे से किसी को भी दोस्त नहीं बनाऊंगा जिसके बाद मैं बिल्कुल चुप हो गई और रसोई में एक अजीब सा सन्नाटा छा गया

पर वो बहुत ही चालाक था और देखते ही समझ गया कि मां चुप है यानी की इशारा है कि मैं अब अपनी मर्जी से सब कुछ कर सकता हूं और मुझे कोई टोकने वाला नहीं है

वह अब और भी ज्यादा चिपक गया और अब अपना हाथ आगे लाकर मेरे पेट को पकड़ लिया और नाभि में अपनी उंगली डालने लगा जिससे मेरे पूरे शरीर में एक अजीब सी सिहरन दौड़ गई और मैं पूरी तरह से अवाक रह गई

क्योंकि बेटे का ऐसा व्यवहार मर्यादा की सभी सीमाओं को पार कर रहा था और उस शांत रसोई में उसकी इस अचानक और अनुचित हरकत ने मुझे अंदर से झकझोर कर रख दिया था

मेरे शरीर में करंट दौड़ गया मुझे अब उसका छुअन अच्छा लगने लगा मेरी सांसे तेज हो गई मेरे शरीर में सिहरन होने लगी गरम गरम सांसे चलने लगी मुझे अब उसका छूना अच्छा लगने लगा मैं भी पागल होने लगी

दोस्तों तब तक उसका लंड काफी मोटा और खड़ा हो गया था जो मेरी गांड के बीचो बीच था अब वो रगड़ने लगा अपना लंड मेरी गांड में मैं अब होश खोने लगी और अपना गांड हौले हौले से उसके तरफ धकेलने लगी

तभी वो अपना बरमुंडा नीचे कर दिया और अपना लंड हाथ में ले लिया मेरी पेटीकोट को ऊपर कर दिया मैं अंदर पैंटी नहीं पहनी थी उसने मुझे थोड़ा झुकाया और अपना लंड मेरी चूत पर सेट कर के जोर से धक्के दे दिया

उसका पूरा लंड मेरी चूत के अंदर चला गया और वो जोर जोर से धक्के देने लगा मेरी गांड हिल रही थी जोर के धक्के से अब वो मेरी बूब सहलाना शुरू किया

फिर मैं खुद ही ब्लाउज का हुक खोल दी और ब्रा से अपने मम्में निकाल दी पर मुझे काफी दिक्क्त हो रहा था इसलिये मैं तुरंत ही ब्लाउज और ब्रा उतार दी

अब वो मेरी चूचियों को मसलते हुए जोर जोर से धक्के देने लगा मेरी चूत गीली हो गई थी इसलिये उसका लंड अंदर बाहर आराम से हो रहा था जोर जोर से धक्के दे रहा था

मैं पागल हो रही थी मेरी सिसकारियां निकल रही थी मुंह से और आह्ह आह्ह्ह ओह्ह्ह ओह्ह्ह आह्ह्ह उफफफ आह्ह्ह कर रही थी वो भी गांड पर थप्पड़ मार मार कर मुझे चोद रहा था

करीब 10 मिनट तक ऐसे ही चोदते रहा था फिर सारा माल मेरी चूत में गिरा दिया और फिर गांड पर किस करने लगा मैं घूम गई सीधी हो गई और उसके होठ को चूसने लगी वो भी मेरी होठ को चूसने लगा

फिर वो मेरी चूचियों को सहालते हुए पीने लगा तभी मेरे रिश्तेदार का फोन आ गया और मैं कपड़े पहन कर बात करने लगी क्यों की कुछ जरुरी थी बात करना

आधे घंटे तक बात करने के बाद मेरा बेटा फिर से चक्कर लगाने लगा मेरी तरफ और उसने मुझे इस बार बेड पर लिटा कर चोदा उस दिन के बाद मैं रोजाना चुदती हूं और मजे ले रही हूं

कई बार सोचती हूं सही है मेरा बेटा किसी गलत लड़की के चक्कर में ना फंस जाए इसलिये चुद जाती हूं फिर कभी लगता है ये सही नहीं है अब आप ही बताओ दोस्तों मैं क्या करूं काम वासना की आग कम होती नहीं और चुदाई के बिना रह नहीं पा रही हूं

ये थी मेरी hindi incest sexy story कैसी लगी आपको और maa beta sex story पढ़ने के लिये आप sexy kahani com पर आते रहे यहां पर आपको बहुत सारी hindi incest sexy story पढ़ने को मिलेगी

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