हैलो दोस्तों कैसे हो आप सभी आज मैं आपको एक ऐसी sexy kahani सुनाने जा रहा हूं जैसा कि आप ने आज तक ना पढ़ा होगा ना सुना होगा ये sexy story आपने आप में ही बहुत ही ज्यादा हॉट और sexy story है अब मैं आपका ज्यादा समय ना लेते हुए अपनी sexy kahani पर आता हूं
Dadi Poti Sexy Story
आज रात मुझे मौका मिला एक जवान यानी की 18 साल की और एक 60 साल की बूढ़ी औरत दोनों को एक साथ चोदने का हर किसी के नसीब में ऐसी हसीन रात सेक्सी रात नहीं होती है
जिसमें आपको दो लोगों की चुदाई उसमें से भी एक जिसकी जवानी अभी उतावली है और एक ऐसी जिसकी जवानी ढल चुकी है जब आपको दोनों ही एक बेड पर चुदने के लिए मिले तो आपको कैसा लगेगा
एक की चूचियां बड़ी मुलायम और एक की बहुत टाइट एक की चूत में सूखापन और एक की चूत में गीलापन ओह्ह्ह हो गए ना आप भी सेक्सी और लंड भी आपका मुस्कुराने लगा ना?
मेरी उम्र अभी मात्र 21 साल की है और मैं दिल्ली शहर में अपने पापा के साथ रहता हूं मैं अपनी आगे की पढ़ाई यहीं रहकर पूरी कर रहा हूं पिछले कुछ दिनों से मेरी मां अपने गांव गई हुई थी जिसकी वजह से मैं घर पर एकदम अकेला था
मेरे पापा के ऑफिस में उनके एक बहुत अच्छे दोस्त काम करते हैं जिनका नाम रमेश अंकल है वह भी पापा के साथ ही उसी ऑफिस में कार्यरत हैं
रमेश अंकल के साथ उनके घर में उनकी एक बेटी और उनकी मां रहती हैं उनकी पत्नी किसी दूसरे लड़के के साथ घर से भाग गई हैं जिसकी वजह से अब उस पूरे घर में केवल दादी और पोती ही एक साथ रहती हैं
जब रमेश अंकल और मेरे पापा दोनों एक साथ कुछ दिनों के लिए अपने ऑफिस के किसी टूर पर जाने लगे तो हम सब ने मिलकर यही फैसला किया कि किरण और उनकी दादी दोनों मेरे साथ ही आकर रह लें
ताकि हम तीनों में से किसी को भी अकेले रहने में कोई परेशानी या दिक्कत महसूस न हो इसी फैसले के तहत किरण और किरण की दादी दोनों मालवीय नगर वाले घर को छोड़कर नोएडा आ गए
उसी दिन मेरे पापा और उनके दोस्त रमेश अंकल दोनों एक साथ अपने ऑफिस के टूर पर रवाना हो गए उनके जाने के बाद मुझे मन ही मन थोड़ा अजीब और असहज महसूस हो रहा था
क्योंकि घर पर किरण के साथ उनकी दादी भी आई हुई थीं मुझे ऐसा डर लग रहा था कि वह हमेशा घर में अपनी ही बात चलाएंगी और मुझे हर बात पर डांटेंगी जैसा कि अक्सर बुजुर्ग दादियां किया करती हैं
लेकिन इसके साथ ही मेरे मन के अंदर किरण को लेकर एक अजीब सी खुशी भी महसूस हो रही थी जब एक जवान लड़की अचानक आपके घर में रहने के लिए आ जाए और वह दिखने में भी बहुत खूबसूरत और आकर्षक हो तो किसी को भी अंदर से कैसा महसूस होगा
मैं भी उसकी बड़ी बड़ी सुडौल चूचियों और गांड के उभारो देखकर पागल बन रहा था मैं अपने मन ही मन लगातार यही विचार कर रहा था कि काश किरण मुझे बस एक बार चूमने की इजाजत दे देती
किरण के होंठ गुलाबी रंग के थे और दिखने में बहुत ही आकर्षक लगते थे उसका पूरा बदन एकदम गोरा था और उसकी चलने की चाल किसी हिरणी की तरह बेहद सुंदर थी
जब से किरण हमारे घर पर आई थी तब से ही मेरा मन उसे देखकर लगातार ललचा रहा था और फिर रात के करीब 11 बजते बजते हम दोनों धीरे-धीरे एक दूसरे के बहुत करीब आ गए उसी समय उसने बातचीत के दौरान मुझे अपना दोस्त बनने का एक बहुत ही प्यारा ऑफर दे दिया
बातचीत के दौरान उसने मुझसे कहा कि मेरा अभी तक कोई भी बॉयफ्रेंड नहीं है क्योंकि मुझे किसी भी लड़के पर जल्दी विश्वास नहीं होता है
लेकिन मैं अपनी बातों से उसको यह पूरा विश्वास दिलाने में पूरी तरह कामयाब हो गया कि मैं उसके लिए एक बहुत ही बेहतरीन बॉयफ्रेंड साबित होऊंगा जैसा वह अपने जीवन में चाहती है
लेकिन दोस्तों मेरे लिए भावनाओं में बहने का मतलब सिर्फ रंगीन रातें बिताना ही था उस समय तक किरण की दादी पूरी तरह से सो चुकी थीं और हम दोनों कमरे में बैठकर नेटफ्लिक्स पर एक बेहतरीन मूवी देख रहे थे
तभी अचानक फिल्म में एक रोमांटिक सीन आया जिसमें हीरो और हीरोइन आपस में प्यार करने लगे उसे देखते ही किरण ने तुरंत मेरी तरफ मुड़कर देखा और मुझसे मुस्कुराते हुए बोली कि इस बारे में आपका क्या ख्याल है
उसकी बात सुनते ही मैंने तुरंत मुस्कुराते हुए उसकी आंखों में देखा और कहा कि जो इस समय तुम्हारा ख्याल है वही मेरा भी ख्याल है
कमरे के सोफे पर एक साथ बैठे बैठे ही हम दोनों धीरे-धीरे एक दूसरे के बहुत ज्यादा करीब आ गए और बिना कुछ बोले हम दोनों एक दूसरे को चूमने लगे
गुलाबी होठ बड़ी बड़ी टाइट चूचियों को छूते ही मेरा लंड पेंट में तम्बू गाड़ दिया और फिर किरण भी कम छिनार नहीं थी उसने भी भर मुठ्ठी पकड़ ली तो और भी मेरा लंड फैल गया और 9 इंच के करीब हो गया
मैंने सोफे से उठकर किरण से सीधे बेडरूम के अंदर चलने को कहा और वह बिना किसी हिचकिचाहट के तुरंत ही मेरी बात पर राजी हो गई जैसे ही हम दोनों बेडरूम के अंदर पहुंचे तो कमरे का दरवाजा हल्का सा सटाते हुए हम दोनों एकदम से एक दूसरे पर पूरी तरह टूट पड़े
हम दोनों ने एक दूसरे के कपड़े उतारे और फिर किरण पलंग पर लेट गई मैं तुरंत ही उसके ऊपर चढ़ गया और चूचियां पीने लगा दबाने लगाए
किरण की सिसकारियां मुझे और भी ज्यादा पागल कर रही थी मैं किरण के होठ को चूसते हुए गर्दन पर आया फिर चूचियों को फिर दबाया और निप्पल को अपने दांतो से धीरे धीरे से दबाया वो तो पागल होने लगी उसकी गरम गरम सांसे मुझे महसूस हो रही थी
मैं नाभि में जीभ फिराते हुए दोनों टांगो के नीचे बैठ गया दोनों टांगो को अलग अलग पर पहले उसकी चूत को अच्छे से देखा और चाटना शुरू किया उसकी चूत काफी गीली थी और गरम गरम पानी बार बार छोड़ रही थी जो नमकीन लग रहा था मुझे किरण का वर्जिन चूत चाटने में बहुत मजा आ रहा था
मैं किरण को सहलाने लगा वो अपना होठ अपने दांतो के बीच में लाकर दबा रही थी जिसे वो और भी सेक्सी लग रही थी उसने अपने बाल खोल दिए तो और भी हॉट लगने लगी थी मैं अपने आप को काबू नहीं कर पा रहा था
मैंने अपना लंड निकाला और दोनों टांगो को अपने कंधे पर रखा और उसकी चूत पर सेट किया और जोर से धक्के दिये पर मेरा लंड मोटा था और उसकी चूत काफी टाइट तो लंड चूत में जा नहीं रहा था
किरण ने भी मेरी मदद की उसने मेरा लंड पकड़ कर खुद चूत में लगाई और अपनी गांड धीरे से ऊपर की और टेढ़ा की और बोली घुसाने को मैं भी आराम से धक्के दिया की पूरा का पूरा लंड उसकी रसीली चूत में प्रवेश हो गया
पर वो धक्के देने से मना करने लगी क्यों की उसकी सील टूट गई थी और थोड़ा सा खून भी निकलने लगा था पर मैं कहां मानने वाला मैं धीरे धीरे कर आगे पीछे लंड देने लगा और घुसाने लगा 10 मिनट की चुदाई में ही वो कामुक हो गई और अजीब सी आवाज निकलने लग गई
जैसे ही मैं धक्के देता वो हाय ओह्ह्ह आह्ह्ह करती वो कामुक भरी आवाज से मेरा लंड और भी मोटा होता और मैं जोर जोर से धक्के देने शुरू कर देता
करीब आधे घंटे तक चोदने के बाद जब वो और भी जोर जोर से आवाज निकालने लगी तभी उसकी दादी कमरे में आ गई वो हैरान हो गई किरण को चुदते देख कुछ नहीं बोली
उसने जो एक बात बोली तुम्हारा लंड कितना बड़ा और मोटा है और फिर मेरे लंड को देखने लगी उसके बाद किरण को देखी और फिर मुझे देखते हुए बोली मुझे भी चोदो ओह्ह्ह इतना कहते ही वो मुझे चूमने लगी और अपने कपड़े उतार दी
मैं भी कहा रुकने वाला मैंने अपना लंड उनके मुंह में दे दिया वो मेरे लंड को चाटने लगी फिर मैं नीचे आकर उनकी चूत में उंगली डाली तो चूत गीली नहीं थी
मैंने तुरंत थूक लगाया उनकी चूत में और अपने लंड में और फिर जोर से धक्के दिया और बड़ी बड़ी चूचियों को दबाते हुए चोदने लगा
करीब आधे घंटे तक उनको चोदा तब तक किरण दादी को चुदवाने में हेल्प कर रही थी फिर किरण की बारी फिर दादी को ऐसे ही पूरी रात मैं दोनों को चोदता रहा
उस रात हमारे बीच की सभी दूरियां हमेशा के लिए खत्म हो गई और हम तीनों पूरी रात एक दूसरे के प्यार में डूबे रहे सुबह जब हमारी आंख खुली तो हमारे चेहरे पर एक अलग ही मुस्कान थी और हमें इस बात का अहसास हो चुका था कि हमारा यह रिश्ता अब बहुत खास बन चुका है
मेरे पापा और रमेश अंकल को अपने ऑफिस टूर से वापस घर लौटने में अभी पूरे 10 दिन का लंबा समय बाकी है और तब तक हम तीनों ही बिना किसी फिक्र के अपने घर पर बहुत मजे में दिन बिता रहे हैं आपको यह sexy kahani कैसी लगी मुझे जरूर बताना