हैलो दोस्तों कैसे हो आप मैंने sexy kahani com पर बहुत सारी मां indian maa beta sex story पढ़ी है उन maa beta sex story को पढ़कर मेरा भी दिल किया कि मैं भी अपनी maa beta sex story लिखूं
Indian Maa Beta Sex Story
आज मैं आपको sexy kahani com के माध्यम से अपनी indian maa beta sex story बता रही हूं अब मैं आपका ज्यादा समय ना लेते हुए अपनी maa sex story पर आती हूं उम्मीद है आपको मेरी यह maa sex story पसंद आयेगी
यह mummy sex story आपके लंड और चूत से पानी निकाल देगी अब मैं अपनी mummy sex story पर आती हूं
मेरा नाम कविता है और मेरी उम्र 41 साल है मैं हरियाणा के सोनीपत शहर की रहने वाली हूं और मेरा पूरा जीवन यहीं बीता है मेरा एक बेटा है जिसका नाम नीरज है और वह अब 21 साल का हो चुका है
मैं और मेरा बेटा नीरज दोनों साथ में रहते हैं और हम दोनों मिलकर ही अपने इस छोटे से परिवार को संभालते हैं
मेरे पति काम के सिलसिले में स्पेन में रहते हैं और वह पूरे साल में सिर्फ एक बार ही हमसे मिलने घर आते हैं उनके इतनी दूर रहने की वजह से मैं यहां घर पर बहुत अकेली पड़ जाती हूं और अक्सर बोर हो जाती हूं
मेरी अपनी कुछ शारीरिक और मानसिक इच्छाएं हैं और मुझे सेक्स का बहुत ही ज्यादा शौक है पर पति के साल भर दूर रहने के कारण मेरी यह जरूरत और मेरा यह शौक हमेशा अधूरा ही रह जाता है
मैं जब भी अपने आस पास पड़ोस में देखती हूं और किसी दूसरी औरत को उसके पति के साथ खुश देखती हूं तो मेरे मन में जलन होने लगती है
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मैं यह सोचने लगती हूं कि यह तो अपने पति के साथ मिलकर खूब गुलछर्रे उड़ा रही है और अपनी जिंदगी के सारे मजे ले रही है जबकि मेरी जिंदगी में ऐसा कुछ भी नहीं है और मैं अपनी चूत की गर्मी को उंगली डाल कर शांत कर रही हूं
मेरा बदन और मेरी सुंदरता इतनी लाजवाब है कि जो कोई भी मुझे एक नजर देख लेता है वह पूरी तरह से मुझ पर फिदा हो जाता है मेरे रूप रंग में एक ऐसा आकर्षण है जिसे देखकर कोई भी इंसान आकर्षित हुए बिना नहीं रह पाता और हर कोई मेरी खूबसूरती की तारीफ करने लगता है
मैंने अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए एक दो बार किसी गैर मर्द के साथ भी संबंध बनाए हैं और सेक्स किया है लेकिन मुझे उसमें बिल्कुल भी मजा नहीं आया
मेरे शरीर और मन की जो जरूरतें थीं उन्हें कोई भी मर्द अच्छी तरह से समझ नहीं पाया और कोई भी मुझे पूरी तरह से संतुष्ट नहीं कर पाया
पर कल रात को मेरे बेटे ने मुझे खुश कर दिया यहां तक की पति से भी ज्यादा मुझे अब जवान लंड का चस्का लग गया है
अब मैं सीधे अपनी maa sex story पर आती हूं यहां से sexy kahani का खेल शुरू होता है
मुझे परसों अचानक थोड़ा सा बुखार महसूस हुआ था और उस समय मुझे लगा कि यह केवल मौसम बदलने की वजह से हो रहा है इसलिए मैंने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया
लेकिन कल शाम को अचानक मेरा बुखार बहुत ज्यादा बढ़ गया और स्थिति तब और बिगड़ गई जब रात को करीब 9 बजे मैं ठंड के मारे थर थर कांपने लगी मुझे इतनी तेज ठंड लग रही थी कि खुद को संभालना मुश्किल हो रहा था
मेरी हालत इतनी खराब थी कि मेरे बेटे नीरज ने मेरे ऊपर दो दो रजाई डाल दीं लेकिन उसके बाद भी मेरी ठंड कम नहीं हो रही थी और मेरे दांत कड़कड़ा रहे थे मैं बिस्तर पर पड़ी बहुत ज्यादा कांप रही थी मेरी यह हालत देखकर नीरज ने तुरंत डॉक्टर को घर पर बुलाया डॉक्टर ने आकर मेरी जांच की और मुझे कुछ दवाइयां दे दीं डॉक्टर ने जाते समय हमसे बोला कि करीब एक घंटे में बुखार उतर जाएगा और इतना कहकर वह वहां से चला गया दो दो रजाई ओढ़ने के बाद भी मुझे बहुत ही ज्यादा ठंड लग रही थी और मेरी तकलीफ कम नहीं हो रही थी मेरा बेटा नीरज मुझे इस दर्दनाक हाल में बिल्कुल भी नहीं देख पा रहा था और वह मुझे लेकर काफी परेशान और चिंतित था वह मुझे आराम पहुंचाने के लिए लगातार मेरे सर को दबा रहा था पर उस समय मेरी हालत इतनी खराब थी कि मुझे कोई फायदा नहीं हो रहा था मेरी ऐसी हालत देखकर अचानक मेरे बेटे नीरज ने मुझसे कहा कि मां मैं आपको कसकर पकड़ कर सो जाता हूं क्योंकि मेरे शरीर की गर्मी से शायद आपकी ठंड कम हो जाएगी और आप ठीक हो जाओगी उस समय मुझे भी बहुत तकलीफ हो रही थी इसलिए मैंने कहा कि ठीक है बेटा और मैंने उसको भी अपने साथ रजाई के अंदर ही लिटा लिया बिस्तर पर आते ही उसने मुझे बहुत कस के पकड़ लिया ताकि मुझे कुछ राहत मिल सके उसने अपने कपड़े उतार दिए और मेरे भी कपड़े उतार दिये वैज्ञानिक रूप से भी ऐसा माना जाता है कि जिस्म से जिस्म मिलने के बाद शरीर की प्राकृतिक गर्माहट से ठंड कम लगती है और उस समय मेरे बेटे नीरज के मन में कोई भी गलत बात शायद नहीं थी वह सिर्फ अपनी मां को इस तकलीफ से बाहर निकालना और ठीक करना चाह रहा था पर जवानी का जोश और उम्र का तकाजा कुछ ऐसा होता है जिसे भला रोकना चाहो तो क्या वह रुकेगा जब मेरे मम्में उसके सीने से लगे और जब वो मेरे पेट को सहला रहा था बीमारी की उस स्थिति में जब मेरी गरम गरम सांसें उसके जिस्म से लग रही थीं तो वह उत्तेजित हो गया क्योंकि मैंने यह साफ महसूस किया कि शारीरिक निकटता के कारण उसके भीतर कुछ बदलाव आ रहे थे मैंने महसूस किया की उसका लंड मोटा और काफी लंबा हो गया था मेरी जांघ को टच कर रहा था मैं कुछ बोल भी नहीं पाई मैंने भी उसको जोर से पकड़ लिया और मैं उसकी तरफ घूम गई अब हम दोनों एक दूसरे को पकड़े थे उसका लंड मेरे जांघो के बीच में आ गया था और सलामी दे रहा था मुझे भी अच्छा लगने लगा और मैंने उसके बाल को पकड़ कर अपने होठ को उसके होठ से लगा दिया वो भी मुझे किस करने लगा और मैं भी उसके होठ को चूसने लगी ये सिलसिला करीब 10 मिनट तक चला और फिर मैंने अपने बेटे का मोटा लंड पकड़ लिया और ऊपर नीचे करने लगी और मेरा बेटा मेरे मम्मों को दबाने लगा और मुझे अपनी बाहों में भरने लगा मुझे ऐसा लग रहा था की आज मेरी वासना की आग बुझेगी और मैंने अपनी टांगें खोल कर उसको ऊपर आने का इशारा कर दिया नीरज मेरे ऊपर आ गया और मैंने अपनी टांगे खोल दी वो बीच में आ गया मेरी दोनों टांगो के और फिर मेरे मम्मों को दोनों हाथो से मसलने लगा मेरे होठ को चूसने लगा मैंने कहा की बेटा बहुत हो गया है मेरी ठंड तो अब तभी जाएगी जब तू मेरी चूत मारेगा उसने कहा मैं तो बस आपके बोलने का इंतज़ार कर रहा था मां आपकी ठंड तो कब की चली गई होती और उसने अपना लंड पकड़ कर मेरी चूत के छेद पर सेट किया मेरी चूत काफी गीली और उसमें फिसलन हो गई थी और उसने ज़ोर से मेरी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दिया उसका लंड चूत के अंदर जाते ही मेरे अंदर करंट सा आ गया और मैं अपनी गांड को ऊपर नीचे करने लगी और वो भी अपने लंड से मेरी चूत में छेद करने लगा मजा आ गया था दोस्तों चुद कर मेरी गरम गरम सांसे ज़ोर ज़ोर से चलने लगी और मैं काफी ज्यादा कामुक हो गई थी मैं अपने बेटे से बोली की और ज़ोर से और ज़ोर से वो भी खूब ज़ोर ज़ोर से लंड को चूत में अंदर बाहर करने लगा करीब 30 मिनट तक उसने मुझे चोदा मुझे अब पसीना आने लगा वो भी पसीने से गीला हो गया था और मैं झड़ने वाली होने लगी मैंने कहा और जोर से और जोर से उसने करीब 7-8 धक्के ऐसे लगाये कि मेरी चूत में पूरी हलचल हो गई थी लंड मेरे पेट के बीचो बीच जा रहा था और हम दोनों एक गहरी सांस लेते हुए उसने मेरी चूत में अपना पूरा वीर्य डाल दिया मैं गदगद हो गई ऐसी चुदाई मेरी आज से 18 साल पहले हुआ करती थी मुझे बहुत अच्छा लगा था मैं तेज बुखार की वजह से बहुत ज्यादा थकी हुई थी इस वजह से मुझे तुरंत ही गहरी नींद आ गई और मैं सो गई रात भर हम दोनों एक दूसरे को पकड़े हुए ही लेटे रहे पर थकान और दवा के असर के कारण मुझे पता ही नहीं चला कि कब सुबह हो गई जब मेरी आंख खुली तब तक सुबह हो चुकी थी और नीरज हमेशा की तरह अपने कॉलेज चला गया था सुबह सोकर उठने के बाद मेरा भी बुखार पहले से थोड़ा कम हुआ जिसके बाद मैंने हिम्मत जुटाई और उठकर धीरे-धीरे घर की थोड़ी बहुत सफाई पूरी की सफाई करने के बाद मैंने रसोई में जाकर खाना बनाया और खाना खाकर तुरंत अपनी दवाई खाई दोपहर बाद मेरे बेटे नीरज के कॉलेज से वापस आने से पहले ही मेरा बुखार काफी हद तक ठीक हो चुका था अब शरीर में बस बहुत हल्का सा बुखार बचा था जो मुझे उम्मीद थी कि रात को दोबारा दवाई खाने के बाद पूरी तरह से उतर जाता जब नीरज कॉलेज से वापस घर आया तो वह मुझे देखकर थोड़ा शर्मा रहा था और संकोच के कारण मुझसे सीधे नजरें नहीं मिला पा रहा था उसकी यह झिझक देखकर मैंने खुद ही आगे बढ़कर उससे बोला कि तुम पहले अपने हाथ-मुंह धो लो तब तक मैं तुम्हारे लिए खाना लेकर आती हूं वह हाथ-मुंह धोकर कमरे में आया और मैंने उसे गरमा-गरम खाना परोस कर दिया जब वह खाना खा रहा था तब उसने खाते वक्त मुझसे पूछा कि मां क्या अब तुम्हारा बुखार उतर गया है और तुम पूरी तरह से ठीक हो? मैंने नीरज की बात का जवाब देते हुए कहा कि हां बेटा अब मैं ठीक हूं और मेरा बुखार काफी कम हो गया है मेरी बात सुनकर उसने अपना खाना खत्म किया और फिर वह घर से बाहर जाने के लिए तैयार हो गया जाते वक्त उसने मुझसे बोला कि मां मुझे अपने एक दोस्त के साथ किसी जरूरी काम से कहीं बाहर जाना है और मुझे वापस लौटने में रात तक का समय लग जाएगा इतना कहकर वह घर से चला गया उसके जाने के बाद मैंने सोचा कि थोड़ा आराम कर लेना ही बेहतर होगा इसलिए मैं अपने कमरे में जाकर बिस्तर पर सो गई और जब मेरी आंख खुली तो बाहर हल्का-हल्का अंधेरा होने लगा था शाम ढल चुकी थी सोकर उठने के बाद मैं तुरंत किचन में गई और रात का खाना बनाने की तैयारी में लग गई थोड़ी देर ही बीती थी कि मेरा बेटा नीरज भी बाहर से वापस आ गया वह सीधे अपने कमरे में गया और हाथ-मुंह धोकर तथा अपने कपड़े बदलकर मेरे पास किचन में ही आ गया उसने एक बार फिर मुझसे बहुत ही फिक्र के साथ पूछा कि मां अब तुम पूरी तरह से ठीक हो ना मैंने उसे मुस्कुराकर जवाब दिया कि हां बेटा मैं अब बिल्कुल ठीक हूं इसके बाद हम दोनों आपस में बैठकर बातें करने लगे और बातचीत के साथ-साथ मैं अपना खाना भी बनाती रही इसके बाद मेरा बेटा नीरज रसोई से बाहर चला गया और उसने रात की घटना के बारे में मुझसे कोई भी बात नहीं की शायद उसके मन में एक संकोच था और उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी कि वह मुझसे इस तरह की कोई बात शुरू कर सके मैं भी इस बारे में सोचती रही और सोचते-सोचते मैंने रात का सारा खाना तैयार कर लिया खाना बनने के बाद मैंने कमरे की तरफ आवाज दी कि नीरज बेटा आ जाओ खाना तैयार है और भोजन कर लो फिर हम दोनों एक साथ बैठ गए और हमने रात का खाना खाया खाना खाते समय हमारे बीच बस इधर-उधर की सामान्य बातें ही होती रहीं इसके बाद हम दोनों अपने-अपने बर्तनों को समेटकर अपने-अपने कमरों में सोने के लिए चले गए आधी रात को लगभग 12 बजे नीरज अचानक मेरे कमरे में आया और कहने लगा कि मां मुझे अकेले नींद नहीं आ रही है क्या मैं यहीं आपके पास सो सकता हूं मैं समझ गई थी वो क्यों आया था और उसे क्यों नींद नहीं आ रही थी मैंने उसको अपने साथ सुला लिया थोड़ी देर बाद उसका हाथ मेरे मम्मों पर आ गया मैंने उसकी हरकत को देखकर उससे पूछा कि तुम यह क्या कर रहे हो तब उसने मुझसे कहा कि जो हमने पिछली रात किया था मैंने उसे रोकते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि बेटा रात को जो गलती हुई थी उसे दोबारा दोहराना सही नहीं है मैं उसे यह बात सिर्फ इसलिए बोल रही थी ताकि वह अपने मन में यह न सोचे कि उसकी मां गलत है क्योंकि मैं किसी भी कीमत पर उसकी नजरों में गिरना नहीं चाहती थी मैं भी चाहती थीं कि मेरा बेटा मेरी रोज चुदाई करे क्योंकि घर में हम दोनों मां और बेटा ही रहते हैं इसलिए हमें बाहर के किसी भी व्यक्ति का कोई डर नहीं था मेरे मना करने के बाद भी मेरा बेटा नहीं रुका और मुझे बोल रहा था मां एक बार हम ने सेक्स कर लिया है तो दुबारा भी कर सकते है मैं कुछ नहीं बोली और उसने मेरी नाइटी के अंदर हाथ डाल दिया और मेरे मम्मों को दबाने लगा और मैं गरम होने लगी मैं आह आह्ह्ह करते हुए उसे बोल रही थी बेटा यह गलत है वो बोला मां मजा तो तुम भी ले रही हो क्यों नाटक कर रही हो मैं यह बात सुनकर चुप हो गई फिर उसने मेरी नाइटी उतार दी मुझे नंगी करके मेरी चूत चाटने लगा और चूत चाटते चाटते बोला अब मैं तुम्हारे साथ रोज सोऊंगा और रोज तुम्हारी चूत और गांड मारूंगा मैंने कहा नहीं बेटा अगर तुम्हारे पापा को पता चल गया तो मुझे और तुम्हे मार देंगे वो बोला नहीं मां पापा को कभी पता नहीं चलेगा हम दोनों उनके आने पर चुदाई नहीं करेंगे तो मैं मान गई फिर वो चूत चाटकर उठा और मुझे बोला तुम घोड़ी बन जाओ मैं घोड़ी बन गई उसने अपने लंड पर थूक लगाया और मेरी गांड पर थूक लगाकर मेरी गांड में उंगली करने लगा जब मेरी गांड थोड़ी नरम हुई तो उसने मेरी गांड पर जब लंड रखा तो मैंने उसे बोला नहीं बेटा मेरी गांड में मत डालो मैंने कभी गांड में नहीं लिया प्लीज बेटा मत डालो गांड में उसने मेरी कोई बात नहीं सुनी मेरे बेटे ने अपना लंड पकड़कर मेरी गांड के छेद के ऊपर रखा और धीरे धीरे उसने अपना लंड मेरी गांड के अंदर डाल दिया और मेरी चीख निकल गई और मैं आह्ह्ह आह्ह्ह करने लगी अपने बेटे को बोलने लगी बाहर निकाल ले बेटा मेरी जान निकल रही है मैंने कभी गांड में नहीं लिया मुझे हल्का सा बुखार भी है प्लीज बेटा रहम कर मुझ पर मेरी गांड में बहुत दर्द हो रहा है अपना लंड बाहर निकाल ले मेरी गांड फट जायेगी उसने मेरी एक भी बात नहीं सुनी और मेरी गांड में अपना लंड अंदर बाहर करता रहा और मैं आह्ह्ह आह्ह्ह करती हुई मर रही थी मेरी गांड में बहुत दर्द हो रहा था क्योंकि पहली बार मेरी गांड में लंड गया था 15 मिनट तक उसने मेरी गांड की बहुत जोर से चुदाई की और 15 मिनट के बाद उसने अपना वीर्य मेरी गांड के अंदर निकाल दिया और थक कर मेरे साथ लेट गया और बोला मां तुम्हारी गांड बहुत टाइट थी मजा आ गया तुम्हारी गांड मारकर अब रोज मैं तुम्हारी गांड मारूंगा मैंने कहा नहीं तू मेरी चूत मारेगा और गांड कभी कभी और जब तेरे पापा आयेंगे तू उनके सामने कोई ऐसी हरकत नहीं करेगा जिस से तेरे पापा को हम दोनों पर कोई शक हो अब मैं तेरी हूं यह बात किसी को कभी पता नहीं चलनी चाहिए मेरे बेटे ने मुझे बाहों में लिया और वादा किया कभी नहीं पता चलेगा किसी को और फिर उसने मेरी एक बार और चुदाई की और उस दिन के बाद हम कभी दिन में कभी रात को कभी बाथरूम में चुदाई करते अब हम मां बेटा चुदाई का पूरा मजा लेते है यह थी मेरी indian maa beta sex story कैसी लगी आपको मुझे जरूर बताना और maa sex story पढ़ने के लिये आप sexy kahani com पर आते रहे यहां पर आपको बहुत सारी sexy kahani पढ़ने को मिलेगा