ताई की चूत और गांड की चुदाई

हैलो दोस्तों कैसे है आप सब मैं आपके लिये अपनी sexy kahani लेकर आया हूं यह tai sex story पढ़कर आपको बहुत मजा आयेगा यह tai sex story में आप पढ़ोगे कैसे मैंने अपनी ताई की चूत और गांड मारी यह sexy kahani मेरी सच्ची कहानी है

Antarvasna Tai Sex Story

दोस्तों मेरा नाम संजय है और मेरी उम्र 24 साल है मैं उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर का रहने वाला हु आज मैं आप सब को अपने जीवन का एक बहुत बड़ा किस्सा सुनाने जा रहा हूं

यह sexy kahani आज से पूरे 4 साल पहले की है इस sexy kahani में मेरे साथ मेरी ताई जी शामिल हैं जिनके साथ मेरा यह पूरा किस्सा जुड़ा हुआ है

पहले मैं अपने बारे में बता दूं

अगर मैं शारीरिक बनावट के हिसाब से अपने बारे में बताऊं तो मेरी लंबाई 5 फुट 6 इंच है और शारीरिक रूप से मैं एक बहुत ही साधारण या औसत दिखने वाला व्यक्ति हुं

अगर मैं अपने घर के माहौल के बारे में बताऊं तो हमारे परिवार में सभी सदस्य एक दूसरे के साथ मिलकर प्रेम पूर्वक एक ही छत के नीचे रहते हैं और हम एक बहुत ही सुखी संयुक्त परिवार का हिस्सा हैं

आज मैं आपको इस sexy kahani में बताऊंगा कि कैसे मैंने अपनी ताई के साथ उनकी चूत और गांड की चुदाई का मज़ा लिया

पारिवारिक रिश्तों के हिसाब से देखा जाए तो ताई शब्द का सीधा और सरल मतलब हमारी बड़ी मम्मी जी होता है जो कि हमारे पिता के बड़े भाई की धर्मपत्नी होती हैं और हमारे परिवार में उनका स्थान बहुत ही आदरणीय और पूजनीय माना जाता है

अतीत के दिनों की बात करें तो मेरे मन में उनके प्रति कभी भी किसी भी तरह का कोई गलत या बुरा विचार उत्पन्न नहीं होता था और मैं हमेशा उनका बहुत आदर करता था

परंतु अचानक एक रात सोते समय मुझे एक ऐसा अजीब सपना आया जिसने मेरी सोच को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया मैं अपनी ताई की कमीज़ में हाथ डालकर उनके निप्पल्स दबा रहा हूं

इसके बाद से मेरे साथ यह सिलसिला लगातार शुरू हो गया और मुझे बार बार सोते समय ऐसे ही अजीब अजीब सपने दिखाई देने लगे जिसमें कभी उनकी गांड मार रहा हूं कभी चूत चाट रहा हूं वगैरह वगैरह

उस घटना के बाद से मेरे मन में उनके लिए पहले जैसी भावनाएं नहीं रहीं और मेरा दिल पूरी तरह से परिवर्तित होने लगा जिसके चलते मैं उन अजीब सपनों को सोचकर कई बार मुठ मारने लगा

काफी समय तक मेरे जीवन की परिस्थितियां बिल्कुल इसी तरह से लगातार आगे बढ़ती रहीं और हर रात उन अजीब सपनों के आने का क्रम बिल्कुल भी नहीं रुका जिसके कारण मेरे मन की बेचैनी दिन प्रतिदिन और ज्यादा बढ़ती ही चली गई

एक बार की बात है जब हमारे घर की कुछ ऐसी परिस्थितियां बनीं कि हमारा पूरा संयुक्त परिवार रात के समय एक ही बड़े कमरे के भीतर जमीन पर बिस्तर लगाकर एक साथ सोया हुआ था

उस रात संयोग से मेरा बिस्तर भी बिल्कुल ताई के ही ठीक पास में लगा हुआ था जिसके कारण मैं उनके बेहद करीब सो रहा था

रात के उस सन्नाटे में सोते हुए अचानक न जाने मेरे मन में क्या आया कि मैंने अपना हाथ सीधे उनकी कमर के ऊपर ले जाकर रख दिया लेकिन इसके बाद भी उनकी तरफ से शरीर में किसी भी तरह की कोई हलचल या प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली और वह बिल्कुल शांत लेटी रहीं

इसके बाद मेरे मन का डर थोड़ा कम हुआ और मैंने और अधिक साहस जुटाकर धीरे से उनकी कमीज को एक तरफ खिसका दिया और सीधे उनकी त्वचा पर अपनी हथेलियों को टिका दिया

परंतु इसके बाद भी उनकी ओर से किसी भी प्रकार की कोई आपत्ति या हलचल देखने को नहीं मिली जिसके कारण उत्साहित होकर मेरा हाथ धीरे धीरे उनके शरीर पर ऊपर की तरफ बढ़ने लगा

मैंने उनके मम्में दबाने शुरू कर दिये फिर निप्पल्स सहलाने लगा उस समय मेरे मन के भीतर एक बहुत ही गहरा भय और घबराहट भी बनी हुई थी जिसके कारण मैं अपनी इस पूरी हरकत को वहीं पर रोकने के बारे में सोच ही रहा था

परंतु ताई की तरफ से किसी भी तरह की कोई हलचल या विरोध न होने के कारण मेरे मन का वह डर धीरे-धीरे समाप्त होने लगा और आगे कदम बढ़ाने के लिए मेरा साहस लगातार बहुत अधिक मजबूत होता चला गया

इसके बाद जब मेरी हिम्मत बहुत अधिक बढ़ गई तो मैं बिना किसी संकोच के धीरे-धीरे अपना हाथ उनकी कमर से नीचे की ओर खिसकाने लगा और फिर आहिस्ता-आहिस्ता मैंने अपने हाथ को उनकी सलवार तक पहुंचा दिया

मैंने उनका नाड़ा खोला और पैंटी के अंदर हाथ उनकी चूत पर ले गया

उनकी चूत पूरी तरह बालों से भरी थी धीरे-धीरे मैंने उनकी चूत में उंगली की तो उनका पानी निकला हुआ था

उनकी तरफ से मिलने वाली इस खामोशी और परिस्थिति को पूरी तरह से भांपने के बाद मेरे मन में अचानक यह विचार आया कि निश्चित ही ताई जी के भीतर भी इस समय कुछ-कुछ अजीब सी हलचल पैदा हो रही है

हालांकि मैं लगातार आगे बढ रहा था मगर इसके साथ ही साथ मेरे दिमाग में एक बहुत ही गहरा डर भी लगातार बना हुआ था जो मुझे अंदर ही अंदर बहुत ज्यादा परेशान कर रहा था

उसी वक्त उन्होंने मेरे हाथ को पकड़ लिया मेरी गांड फट गयी कि यह तो गड़बड़ हो गयी मैंने झटके से हाथ को बाहर निकाला और अलग हो गया

ताई ने आंखें बंद कर रखीं थी और ताई सोती रहीं

मैंने कुछ देर यूं ही लेट कर सोचा कि ताई जी की चूत गीली थी तो क्या ताई गर्म हो रही थीं यदि हां तो उन्होंने मेरा हाथ बाहर क्यों निकाला

कुछ समय बीतने के बाद मैंने उस पूरी परिस्थिति को वहीं पर समाप्त करने का विचार अपने मन में लाया और बहुत ही सहजता के साथ आदरणीय ताई को नींद से जगाना ही बेहतर समझा ताकि सब कुछ सामान्य हो सके और ताई को जगाया

अचानक जागने पर ताई अपनी धीमी आवाज में बोलीं- हुं क्या है?

उस शांत माहौल में मैंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बहुत ही धीमे स्वर में ताई से कहा कि आप केवल कुछ क्षणों के लिए अपने बिस्तर से उठकर मेरे साथ घर से बाहर खुले में आ जाइए ना

जैसे ही मैंने उनसे बाहर चलने का कहा तो उन्होंने मेरी बात का पूरा मान रखा और बिस्तर छोड़कर बहुत ही सहजता के साथ मेरे पीछे-पीछे कमरे से बाहर बरामदे में आ गई

डर के मारे मैं उनके पैर पकड़ कर माफी मांगने लगा- मुझसे गलती हो गई मुझे माफ कर दो मैं नींद में था मुझे पता नहीं चला

लगभग 2 मिनट तक गिड़गिड़ा कर मैंने माफी मांगी

उन्होंने बहुत ही उदारता दिखाते हुए मुझसे कहा कि कोई बात नहीं क्योंकि नींद की अवस्था में अक्सर इंसान को अपनी हरकतों का पता नहीं चल पाता है और ऐसे में इसमें तुम्हारी भी कोई गलती नहीं मानी जा सकती है

फिर ताई अंदर चली गई और मैं भी उनके बाजू में लेट गया ताई मुझे अपने सीने से लगा कर सोने लगीं और मैं भी सो गया

उस पूरी घटना के घटित होने के उपरांत मेरे मन में एक बहुत ही गहरा भय बैठ गया था जिसके कारण मैंने लगभग एक महीने के लंबे समय तक उनसे बातचीत करने का कोई साहस नहीं किया क्योंकि मेरे दिल में लगातार यह शंका बनी हुई थी कि कहीं ताई जी इस विषय में परिवार के किसी अन्य सदस्य को कुछ बता ना दें

इसी प्रकार से बिना किसी विशेष बदलाव के जीवन के कुछ महीने बहुत ही शांति के साथ धीरे-धीरे बीत गए और हमारे बीच की वह पुरानी स्थिति भी समय के साथ-साथ थोड़ी सामान्य होने लगी थी

एक बार की बात है जब हमारे पूरे परिवार के सभी सदस्यों को एक पारिवारिक समारोह या फंक्शन में शामिल होने के लिए घर से बाहर किसी दूसरे स्थान पर जाना तय हुआ था जिसके लिए काफी घर में तैयारियां चल रही थीं

उसी दौरान मेरी मुख्य परीक्षाएं चल रही थीं जिसके कारण पढ़ाई की व्यस्तता को देखते हुए मैंने उस पारिवारिक समारोह में शामिल न होने का निर्णय लिया और मैं उनके साथ बाहर नहीं गया

उसी दौरान हमारे आदरणीय ताई और ताऊ जी को भी किसी अन्य अत्यंत आवश्यक कार्य के सिलसिले में कहीं बाहर प्रस्थान करना था जिसके कारण उन्होंने भी उस पारिवारिक समारोह में शामिल न होने का निर्णय लिया और अंत में हम तीन लोग ही उस घर पर अकेले रह गए

उस समय के दौरान मैं पूरे ध्यान के साथ अपने कमरे के भीतर बैठकर अपनी आने वाली परीक्षाओं की तैयारी में लगा हुआ था और निरंतर पढ़ाई कर रहा था

उस समय आदरणीय ताऊ जी ने अपने कमरे के भीतर जाकर मुख्य द्वार को पूरी तरह से बंद कर लिया था और साथ ही उन्होंने कमरे की खिड़की और दरवाजे की कुंडी को भी भीतर से लगा दिया था

जिसके बाद उन्होंने खिड़कियों पर लगे हुए पर्दो को भी पूरी तरह से गिरा दिया था ताकि कमरे के भीतर पूरी तरह से एकांत बना रहे

मुझे लगा कि अब तो घपाघप होगा

लगभग आधे घंटे का समय बीत जाने के बाद उन्होंने अपने कमरे के मुख्य द्वार और अन्य सभी खिड़कियों को वापस पूरी तरह से खोल दिया जिससे कमरे के भीतर हवा और रोशनी का आना-जाना फिर से सामान्य हो गया

अपने कमरे से बाहर आते समय ताई के चेहरे पर बहुत अधिक क्रोध दिखाई दे रहा था और वे उसी गुस्से की हालत में सीधे सीढ़ियों से ऊपर की तरफ बढ़ते हुए मेरे कमरे के भीतर दाखिल हो गई

ताई बहुत ही ज्यादा भुनभुनाती हुई और गुस्से में अपनी बात रखते हुए मुझसे बोलीं कि इस समय मैं कुछ देर के लिए यहीं तुम्हारे बिस्तर पर सोना चाहती हूं इसलिए तुम अपनी पढ़ाई को थोड़ी देर के लिए रोक दो और कुछ समय बाद दोबारा पढ़ लेना

ताई जी की इस अचानक कही गई बात को सुनकर मैं पूरी तरह से असमंजस में पड़ गया और मुझे यह बिल्कुल भी समझ में नहीं आया कि आखिर पढ़ाई को थोड़ी देर के लिए रोकने की क्या आवश्यकता आन पड़ी है

इस समय अचानक ताई जी को ऐसा क्या जरूरी काम आ गया है जिसके कारण वे मुझे थोड़ी देर बाद पढ़ने के लिए कह रही हैं

उनकी इस बात को सुनने के बाद मैंने बिना किसी बहस या संकोच के बहुत ही सहजता से अपनी सहमति देते हुए उनसे कह दिया कि ठीक है आप यहां पर आराम कर सकती हैं

मुझे समझ आ गया था कि चुदाई तो हुई पर ताई को संतुष्टि नहीं मिली ताई अभी भी गर्म थीं

यदि मैं उस समय की बात करूं तो कमरे में सोने के अनुकूल माहौल बनाने के लिए मैंने अपनी पढ़ाई को वहीं रोका और उठकर कमरे की मुख्य लाइट को ऑफ कर दिया

मैं और ताई दोनों कमरे में सो गये

काफी समय तक बिस्तर पर लेटे रहने के उपरांत अचानक मेरी नींद खुली और मैं रात के उस सन्नाटे में पेशाब करने के लिए अपने स्थान से उठकर शौचालय की तरफ जाने लगा

कमरे से बाहर जाने से पहले जब मैंने एक बार आदरणीय ताई की तरफ नजर डाली तो वे पूरी तरह से निश्चिंत होकर बहुत ही गहरी नींद में सो रही थीं

पेशाब करके मैं कमरे में आया दरवाजे की कुंडी लगाई और शर्ट उतार कर सिर्फ चड्डी में सो गया

मैंने सोचा कि क्यों ना मौके का फायदा उठाया जाये सबसे पहले मैंने ताई के पैरों पर हाथ रखा उनके पैरों से उनकी सलवार ऊपर करने लगा

ताई भी पैर मारने लगीं क्योंकि लोहा अभी गर्म ही था ठंडा नहीं हुआ मैंने उनकी कमीज़ उठाकर पहले की तरह उनकी कमर पर हाथ रखा

ताई कुछ नहीं बोलीं धीरे धीरे मैं अपने एक हाथ को उनके मम्मों की तरफ ले गया

आज उन्होंने ब्रा पहनी थी तो मैंने उनके मम्में हल्के हल्के दबाये जब उनकी तरफ से कोई प्रतिरोध नहीं हुआ तो मैं उनकी ब्रा की स्ट्रिप्स हटाने लगा

तभी उनकी तरफ से कुछ हलचल हुई तो मैंने अपना हाथ बाहर निकाल लिया ताई मेरी ओर पीठ करके सो गई

मैं समझ गया था कि ताई पूरा साथ दे रही थीं ताई लंड की प्यासी थीं पर कहने से हिचक रही थीं मैंने उनकी पीठ की कमीज़ से हाथ डालकर ब्रा खोल दी

अब ताई सीधी हो गई तो मैं उनके निप्पल्स दबाने लगा और मम्मों को भी जोर जोर से दबाने लगा ताई पैर रगड़ने लगीं

फिर मैंने उनकी सलवार का नाड़ा खोलकर सलवार कुछ सरका दी और उनकी चूत में उंगली करने लगा चूत रस से भरी हुई थी

ताई धीमी आवाज में सिसकारियां लेने लगीं- आह्ह्ह उफ्फ्फ आह्ह्ह उईईई

मैंने उनके कान में कहा- कमरे की कुंडी लगा दी है मैंने आप खड़ी हो जाओ अच्छे से सेक्स करेंगे

ताई शर्माती हुई खड़ी हो गई

मैं एक बार फिर दरवाजे की कुंडी देखकर आया कि अच्छे से लगी है क्या और ताई के पास जाकर मैंने उन्हें अपनी बाहों में ले लिया और ताई को किस करने लगा

उनके गाल दबाने लगा फिर उनकी गर्दन पर किस शुरू कर दी ताई पूरी तरह गर्म हो चुकी थीं

मैंने उनके एक निप्पल को मुंह में लेकर चूसना शुरू किया और काटने लगा दूसरे हाथ से उनके मम्में दबाने लगा

ताई आह्ह आह्ह कर रही थीं

धीरे-धीरे कमर पर किस करते हुए मैंने उन्हें बेड पर लिटा दिया ताई की टांगें खोलकर उनकी चूत चाटने लगा

उन्होंने मेरे बाल पकड़े और मेरा मुंह अपनी चूत में पूरा दबा लिया

उनकी टांगें मेरी पीठ पर थीं मेरा मुंह उनकी चूत और टांगों के बीच था मैंने चाटना जारी रखा और उंगली भी करने लगा

तभी उनका मूत निकल गया मैंने मुंह हटा लिया ताई अपनी नंगी चूत को पानी से साफ करके वापस मेरे सामने आ गई

मैंने खड़े होकर उन्हें अपना लंड दिखाया तो ताई ने मेरे लंड को 10 मिनट तक लगातार चूसा

अब ताई बोलीं- आ जा मजा करते हैं

मैंने कहा- ओके

ताई लेट गई और मैंने पोजीशन बना कर अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया

ताई आह आह्ह करके लंड को चूत में लेने लगीं

मैं धक्के मारने लगा तो लंड ने चूत से दोस्ती कर ली और धकापेल चुदाई चल निकली

ताई भी लंड से चुदवा कर पूरी तड़प निकालने लगीं और अपनी गांड उठा कर लंड से लोहा लेने लगी

ताई उफ उफ्फ आह्ह्ह आह्ह्ह की आवाजें निकालने लगीं

उनकी गर्म सांसों और आवाजों को सुनकर मुझमें और जोश बढ़ने लगा

फिर मैंने ताई को अपने ऊपर बिठाया और ताई लंड की सवारी करने लगीं उन्हें इस आसन में चुदवाने में बड़ा मजा आ रहा था

ताई मेरे सीने पर अपने मम्में लटका कर लंड से चूत रगड़वा रही थीं

मैं उनके मम्मों से खेलने लगा एक को दबाने लगा दूसरे को चूसने लगा

फिर मैंने ताई से कहा- अपनी ब्रा पहन लो

ताई बोलीं- क्यों?

मैंने कहा- अब मुझे घोड़ी की सवारी करनी है

ताई खुद बोलीं- छेद बदल कर करना

मैं खुश हो गया कि ताई गांड मारने को कह रही हैं

ताई ब्रा पहन कर घोड़ी बन गई और मैंने ताई की गांड पर थूक लगाया और अपने लंड पर भी लगाया फिर मैंने अपना लंड ताई की गांड के छेद पर रखकर धीरे-धीरे लंड ताई की गांड में डाल दिया

ताई आह्ह्ह ओह्ह्ह आह्ह्ह करने लगी मैं ताई की कमर पकड़कर उनकी गांड में लंड पेलता रहा ताई आह्ह्ह ओह्ह्ह ऊईईईई आह्ह्ह उफ्फ करती रही फिर मैंने ताई की ब्रा की तनी पकड़ कर पीछे से लगातार 10 मिनट उनकी गांड मारी ताई को घोड़ी बनाकर चोदा

बाद में जब मैं झड़ने को आया तो उन्होंने मेरा लंड अपने मुंह में लिया और सारा माल निगल लिया

हम दोनों ने सुबह होने तक 3 बार हार्ड सेक्स किया

सुबह मैंने ताई जी पूछा- अब संतुष्ट हो?

उन्होंने कहा- हां सच में आज ही मुझे असली मजा मिला है

यह सुनकर हम दोनों हंसने लगे उसके बाद मैंने ताई को बहुत बार चोदा ताई की बड़ी गांड में भी लंड डालता हूं मैं अभी भी ताई की चुदाई का मजा लेता रहता हूं जब घर में कोई नहीं होता

ताई भी बहुत मजे से अपनी चूत और गांड मरवाती है सच में दोस्तों ताई की गांड मारने का बहुत मज़ा आता है जब मैं उनके बड़े बड़े चूतड़ों को खोलकर उनकी गांड में लंड डालता हूं मुझे बहुत मज़ा आता है

कैसी लगी आपको यह antarvasna sex story मुझे जरूर बताना और antarvasna sex stories पढ़ने के लिये आप sexy kahani com पर आते रहे यहां पर आपको बहुत सारी antarvasna sex stories पढ़ने को मिलेगी

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