हैलो दोस्तों आप मेरी इस चाची सेक्स कहानी में पढ़ेगे मैंने चाची की जबरदस्त चुदाई की और चाची ठीक से चल भी नहीं पा रही थी अब मैं अपनी sex chachi story पर आता हूं उम्मीद है आपको यह chachi sex story उत्तेजित कर देगी अब मैं अपनी sex chachi story शुरू करता हूं
Sex Chachi Story
मेरा नाम मुकेश है और मैं बिहार का रहने वाला एक छात्र हूं जो अभी बीएससी की पढ़ाई कर रहा हूं यह सच्ची कहानी मेरी और मेरी नई चाची के बीच की है जिनकी शादी को अभी केवल तीन महीने का समय बीता है
पढ़ाई के सिलसिले में बाहर रहने के कारण मैं अपने चाचा के घर सिर्फ वीकेंड पर ही जा पाता हूं दो महीने पहले जब मेरे चाचा की शादी हुई थी तब से घर का माहौल काफी बदल गया है
मैंने जब अपनी नई चाची को पहली बार सामने देखा तो मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं गया उनका सुंदर चेहरा और उनका अंदाज देखकर मेरे दिल की धड़कन बहुत तेज हो गई थी
मैं बस उनको लगातार देखता ही रह गया क्या आप अंदाजा लगा सकते हैं कि उस वक्त मेरे मन में क्या चल रहा था ओह्ह गॉड एक दम परफेक्ट फिगर 34-30-36 था
चाची का नाम हेमा है और शादी के कुछ समय बाद ही चाचा को अपनी ड्यूटी के सिलसिले में बाहर जाना पड़ा अब इस बड़े से घर में मेरे साथ सिर्फ मेरे दादा दादी और मेरी खूबसूरत चाची ही रह गए थे
मेरे माता पिता इस शहर में नहीं बल्कि गांव में निवास करते हैं चाचा के जाने के बाद घर का माहौल एकदम शांत हो गया था और मेरा पूरा ध्यान बस चाची पर ही था
बात कुछ इस तरह से शुरू हुई कि इस बार जब मेरे कॉलेज के एग्जाम खत्म हुए तो मैं फुर्सत मिलते ही उनके घर चला गया था
उस घर में जगह की कमी या सुविधा के कारण मैं मेरी नई चाची हेमा और मेरी दादी हम तीनों लोग एक ही बड़े कमरे में साथ सोते थे जबकि दादा जी को अपनी बीमारी और कमजोरी की वजह से एक बिल्कुल अलग कमरे में आराम करना पड़ता था
फिर अचानक रात को करीब दो बजे के आसपास पूरे इलाके की बिजली चली गई जिससे गर्मी के कारण मेरी नींद अचानक खुल गई
तब अंधेरे में हल्की रोशनी के बीच मैंने देखा कि मेरी सपनों की रानी यानी मेरी चाची बिल्कुल मेरे पास ही सोई हुई हैं क्या आप समझ सकते हैं कि उस वक्त मेरी क्या हालत हुई होगी
उस वक्त चारों तरफ गहरा अंधेरा था और सब लोग गहरी नींद में थे तो मैंने उस शांत माहौल और चाची की नींद का फायदा उठाते हुए धीरे से करवट बदली और उनके और करीब होने की कोशिश करने लगा
मेरे दिल की धड़कन इस कदर तेज हो चुकी थी कि मुझे डर लग रहा था कहीं मेरी धड़कन की आवाज से ही उनकी आंख न खुल जाए क्या आप सोच सकते हैं कि उस समय मेरा हाथ किस तरफ बढ़ रहा था मैं उनके मम्मों को दबाने लगा
शुरुआत में तो वहां कुछ भी नहीं हुआ लेकिन अचानक जब चाची की आंख खुल गई और उन्होंने मेरी इस हरकत को पकड़ लिया तो वह गुस्से में आकर मुझे बहुत डांटने लगीं
उनकी डांट सुनते ही पहले तो मैं बुरी तरह डर गया और मेरे मन में यह खौफ बैठ गया कि कहीं वह सुबह घर पर दादा दादी या किसी और को सब कुछ बता न देंगी इसी घबराहट और डर के मारे मैं तुरंत उस कमरे से बाहर चला गया
लेकिन अगले दिन मुझे राहत मिली क्योंकि उन्होंने इस बारे में किसी से कुछ भी नहीं कहा क्या उनके इस तरह चुप रहने के पीछे कोई खास वजह थी
रात की उस घटना के बाद जब अगला दिन हुआ तो मैं शर्म और डर के कारण उनसे दूर भागने लगा और लगातार उनसे नजरें चुरा रहा था
मैंने मन ही मन यह पक्का सोच लिया था कि कल रात की हरकत के बाद वह आज रात को मुझे अपने पास बिल्कुल भी नहीं सोने देंगी और मेरा कमरा बदल दिया जाएगा
लेकिन मेरी हैरानी का ठिकाना नहीं रहा जब रात को फिर से मेरा बिस्तर उसी कमरे में और ठीक वहीं पे लगाया गया था क्या यह उनकी तरफ से कोई इशारा था
मैं बिस्तर पर लेट गया और अपनी आंखें बंद करके सोने का नाटक करने लगा पर सच तो यह था कि मुझे बिल्कुल भी नींद नहीं आ रही थी
मेरे दिमाग में लगातार कल रात की बातें और चाची का चेहरा ही घूम रहा था और मेरा पूरा ध्यान बस इसी बात पर लगा था कि मेरे ठीक बगल में क्या हलचल हो रही है क्या उस रात कुछ अलग होने वाला था
मैंने फिर से उनके मम्मों को दबाना चाहा इस बार जब मैं उनके करीब था तो उन्होंने डांटने के बजाय बहुत ही सहजता से मेरे हाथ को ही पकड़ लिया और मुझे पास बिठाकर समझाने लगीं कि यह सब गलत है और पारिवारिक रिश्तों में हमें इन सब बातों से दूर रहना चाहिए
लेकिन मेरे सिर पर तो उस वक्त उनका भूत सवार था इसलिए मैंने तुरंत कहा कि मुझे बस एक किस चाहिए चाची और उसके बाद मैं कोई हरकत नहीं करूंगा पर वह अपने फैसले पर अड़ी रहीं और मेरी बात नहीं मानीं
फिर मैंने जबरदस्ती उनके होठों पे किस करके उनके मम्में एक बार जोर से दबा दिया उन्होंने तुरंत मेरे गाल पर एक थप्पड़ लगाया ताकि मैं अपनी मर्यादा में आ सकूं
लेकिन उस समय मुझ पर उनका काम इस कदर हावी था कि मुझे लगा कि एक थप्पड़ से क्या होता है और मैंने अपनी हिम्मत समेटकर एक बार फिर से उनके होंठों को किस कर दिया
आखिर वह एक नई दुल्हन थीं जिनके पति पिछले दो महीनों से अपनी ड्यूटी के कारण उनसे दूर थे और वो दो महीनों से बिना चुदे बैठी है कितना सहेगी?
तभी अचानक एक नया मोड़ आया और उन्होंने भी आगे बढ़कर मेरे होठों पे किस कर दी उनका यह कदम देखते ही मुझे समझ आ गया कि अब मेरा रास्ता साफ था इसलिए मैं तुरंत उनके ऊपर कूद गया और हम दोनों पूरी तरह से एक दूसरे में खोकर किस करने लगे
उस पल कमरे का सन्नाटा हमारी सांसों की आवाज से गूंज रहा था और साथ ही मैंने उनके मम्मों को दबा दबा के एकदम लाल कर दिया
उस रोमांचक पल में मैंने अपनी हिम्मत और आगे बढ़ाई और मैंने उनसे अपने ब्लाउज को उतारने को बोला मेरी इस बात को सुनकर उन्होंने कुछ पल के लिए संकोच किया
लेकिन फिर उन्होंने अपना ब्लाउज उतार दिया और अब हमारे बीच की बची हुई दूरियां भी धीरे-धीरे पूरी तरह से समाप्त हो रही थीं
मैंने उनके नंगे मम्मों को देखा की क्या मम्में थे यारो एक दम मस्त गोल गोल पूरा पोर्न-स्टार की तरह मैं तो बस चाटने लगा
उस शांत रात के सन्नाटे में जब हमारे बीच की नजदीकियां बहुत ज्यादा बढ़ गई तो वह खुद पर काबू नहीं रख पाई और अब वो भी सिसकारियां निकालने लगीं जिससे कमरे का माहौल और भी ज्यादा गंभीर और रोमांचक हो गया था
फिर मैंने उन्हें लेटा दिया और उनकी पैंटी के ऊपर से ही उनके चूत को चाटने लगा जब तो मैंने उत्सुकता के साथ उनसे पूछा कि चाची कितनी बार हुआ है तो उन्होंने अपनी नजरें झुकाकर शर्माते हुए कहा कि बस दो बार
मैंने उनकी तरफ देखा और उनकी भावनाओं को समझने की कोशिश करते हुए धीरे से पूछा कि मैं- आपका मन नहीं करता?
इस सवाल ने कमरे के सन्नाटे को और बढ़ा दिया था और वह बिना कुछ बोले बस छत की तरफ देखने लगी थीं मानो उनके भीतर का अकेलापन अब बाहर आने को बेताब था
मेरी बात सुनकर उन्होंने अपनी नजरें नीचे झुका लीं और बहुत ही दबी आवाज में जवाब दिया कि चाची- करता है पर उंगली करके ही शांत करना पड़ता है
उनके इस जवाब से मुझे यह साफ महसूस हो गया कि वह पिछले दो महीनों से अकेलेपन और अपनी अधूरी इच्छाओं के कारण कितनी परेशान थीं
उनकी बात सुनते ही मेरा उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच गया और मैंने मुस्कुराते हुए उनसे कहा कि मैं- आज तो उंगली से कुछ ज्यादा बड़ा चीज घुसने वाला है चाची यस आई एम सो एक्साइटेड
मेरी इस बात को सुनकर उनके चेहरे का रंग बदल गया और वह शरमा कर मेरी तरफ देखने लगीं क्योंकि वह भी समझ चुकी थीं कि अब आगे क्या होने वाला था
मैं ऐसे ही आगे बढ़ता गया और चाची की पैंटी उतारकर उनकी चूत में 2 उंगली घुसा कर चोदने लगा उनकी चूत एक दम पानी पानी हो गई थी फिर वो झड़ गई अब वो सीधा उठके मेरी पेंट खोलने लगी मेरा 7 इंच का लंड देख कर चाची चौंक गई और बोली
चाची- हाये कितना लंबा है तुम्हारा लंड तुम्हारे चाचा का लंड तो सिर्फ 4 इंच का है
इतना कहकर वह पूरा का पूरा लंड अपने मुंह में समाने की कोशिश करने लगी पर इतना मोटा कहा उनके मुंह में फिट होगा फिर भी वह जोर जोर से लंड चूसने लगी
उस पल की उत्तेजना इतनी ज्यादा थी कि मैं खुद पर बिल्कुल भी काबू नहीं रख पाया और मैं तो मानो झड़ गया शायद इसी लिए की पहली बार था और मेरे साथ ऐसा पहली बार हो रहा था
मेरी इस हालत को देखकर वह धीरे से हंसी और बोली की ये पहली बार है? उनका यह सवाल सुनकर मैं थोड़ा शर्मा गया और सोचने लगा कि अब आगे क्या कहूं
मैंने हां कहा पर मैं पोर्न देख देख के एकदम प्रोफेशनल हो गया हूं चाची फिर उन्होंने मेरा लंड चाट के साफ किया ही था कि मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया अब ये सम्हाले नहीं सम्हलेगा
चाची फिर मेरी इस हालत और इस उत्सुकता को देखकर वह थोड़ा गंभीर हुई और बहुत ही दबी आवाज में बोली की चलो छत पे चलते है इधर सब जाग जायेंगे क्योंकि कमरे में दादी सो रही थीं और वह कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती थीं
अब हालात बिलकुल बेकाबू थे अब मैं चाची को चोदना चाहता था और वो भी चुदने के लिए तैयार थी हम दोनों बहुत ही सावधानी से ऊपर की तरफ बढ़े लेकिन छत पे सिर्फ चेयर्स और एक छोटा सा टेबल था जो के चुदाई के लिए काफी नहीं था
जिसके कारण वहां हमारे लिए रुकना या आरामदायक स्थिति बनाना बिल्कुल भी मुमकिन नहीं लग रहा था उस जगह को देखकर मेरी उम्मीदें थोड़ी कम होने लगी थीं और मैं सोचने लगा था कि अब हम आगे क्या करेंगे क्या चाची के दिमाग में कोई और सुरक्षित जगह थी
छत पर जगह की कमी को देखते हुए उन्होंने तुरंत एक नया फैसला लिया इसी लिए वो मुझे खींच कर किचन में ले गई और उन्होने शेल्फ पर बैठ कर अपनी टांगे खोल दी
ताकि हम दोनों बिना किसी रुकावट के एक दूसरे के और करीब आ सकें रसोईघर के उस शांत और धुंधले माहौल में हमारे बीच की उत्तेजना अब अपने चरम पर पहुंच चुकी थी
मैंने अपना लंड उसकी चूत पर सटाया और एक झटका दिया पहले ही झटके में लंड सारा का सारा अंदर चला गया और उसके मुंह से आह्ह्ह की आवाज़ निकली और मैं चाची को जोर जोर से चोदने लगा
उसकी चूत काफी खुली और गीली थी इसलिए मैं भी शेल्फ पे चढ़ कर घुटने के बल बैठ कर चाची को चोदने लगा अब चुदाई में बहुत मजा आ रहा था
मैं चाची की चूत में जबरदस्त झटके मार रहा था इतनी जोर से चाची नीचे से सरकना शुरू हो गई थी फिर सरकते सरकते मैंने चाची की चूत में ऐसा झटका मारा की वह शेल्फ के साथ लगे सिंक में गिर गई वो उठी और हंसते हुए बोली मार ही देगा क्या?
हमने फिर चुदाई चालू की और इस बार वो मेरे ऊपर थी और 20 मिनट तक जबरदस्त चुदाई के बाद मैंने बोला
चाची मैं झड़ने वाला हूं कहां निकलूं?
चाची- अंदर ही निकाल दो मैं गोली ले लूंगी
फिर मैंने 10-15 कड़क धक्के मारे और चाची की चूत में ही झड़ गया
कुछ देर बाद चाची ने मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया और उन्होने चूस कर मेरे लंड को फिर से खड़ा कर दिया फिर मैं उनको दिवार से सटाकर खड़ा करके चोदने लगा इतना मजा आ रहा था कि मत पूछो यारो फिर उनकी डिमांड के मुताबिक मैं उनको ड़ोगी पोज़ से चोदने लगा
चोदते चोदते अब मैं थक गया था पर पता नहीं ये तीसरे बार मेरा निकल ही नहीं रहा था तो मैं नीचे सो गया और वो मेरे ऊपर आके कूदने लगी उनके मम्मों का हिलना देख कर तो कोई भी पागल हो जाए
फिर मैं कौन हूं अब मैं भी नीचे से जोर जोर से धक्का मारने लगा और एकदम से दूसरी बार भी अंदर ही झड़ गया मेरी जबरदस्त चुदाई से चाची चल भी नहीं पा रही थी
पर उनको चुदाई में बहुत मज़ा आया था फिर हम लोग एक साथ ही नहाए सुबह होने वाली थी तो मैंने उनकी चूत साफ करते हुए देखा कि उनकी चूत फूल गई है पर वो बहुत खुश लग रही थी
अगली बार मैं उनकी बहन यानि अपने चाचा की साली को चोदने वाला हूं चाची ने बोला है की वो उसकी चूत दिलवाएंगी
कैसी लगी आपको sex chachi story मुझे जरूर बताना और chachi sex story पढ़ने के लिए आप sexy kahani com पर आते रहे यहां पर आपको बहुत सारी hindi sex story पढ़ने को मिलेगी