कैसे हो आप सब दोस्तों मैंने sexy kahani com पर बहुत सारी sex stories in hindi incest पढ़ी है आज मैं भी आपके लिए अपनी sex stories in hindi incest लेकर आई हूं आप इस maa beta sex story में पढ़ेगे कैसे मैं नशे में अपने बेटे से चुद गई अब मैं अपनी maa beta sex story पर आती हूं
Sex Stories in Hindi incest
मेरा नाम गायत्री है और मैं इस समय 38 साल की एक बेहद खूबसूरत विधवा महिला हूं मेरी जिंदगी में उतार चढ़ाव तो बहुत आए पर मैंने कभी हार नहीं मानी
आज मेरा एक बेटा है जो अब 25 साल का एक नौजवान हो चुका है और इस पूरी दुनिया में हम दोनों मां बेटे ही अब एक दूसरे का सबसे बड़ा सहारा और जीने की ताकत बने हुए हैं
अगर मैं अपने अतीत के पन्नों को पलटूं तो मैंने अपने जीवनसाथी के साथ लव मैरिज यानी प्रेम विवाह किया था
हमारी पसंद और हमारे इस रिश्ते को मेरे सास और ससुर ने कभी स्वीकार नहीं किया और उन्होंने मुझे अपनी बहू के रूप में अपनाने से साफ इनकार कर दिया था
पर मुझे उनके इस फैसले से अपने जीवन में कभी कोई गम या पछतावा नहीं हुआ क्यों कि मेरे पति मुझे अपनी जान से भी ज्यादा चाहते थे और उनका वही सच्चा प्यार ही मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी पूंजी था
शादी के बाद उन्होंने मुझे एक पल भी अपने से अलग नहीं होने दिया और मेरी हर छोटी बड़ी खुशी का ध्यान रखा
हमारे परिवार के विरोध को देखते हुए हम दोनों ने एक बड़ा फैसला लिया और हमेशा के लिए दिल्ली शिफ्ट हो गये वहां जाकर मेरे पति ने नए सिरे से अपनी किस्मत आजमाई और प्रॉपर्टी का काम करने लगे
उनकी मेहनत और लगन रंग लाई जिससे हमारा काम बहुत अच्छा चल निकला और फिर हम दोनों की जिंदगी बहुत ही शानदार और खुशहाल तरीके से चलने लगी भगवान की इस कृपा से हमारी सारी मुश्किलें हमेशा के लिए दूर हो चुकी थीं
हमारी इस खूबसूरत और खुशहाल जिंदगी में वो दिन सबसे प्यारा था जब हमारे घर एक बेहद सुंदर से बेटे का जन्म हुआ और हमने बड़े प्यार से उसका नाम सुमीत रखा
पर शायद हमारी यह बेपनाह खुशियां भगवान को अच्छी नहीं लगीं और अचानक एक दिन हमारी हंसती खेलती दुनिया पूरी तरह उजड़ गई
जब मेरा बेटा सुमीत सिर्फ 21 साल का था तब एक भयानक सड़क दुर्घटना में मेरे पति की अकाल मृत्यु हो गई क्या किस्मत का यह क्रूर खेल हमारी जिंदगी में हमेशा के लिए अंधेरा करने आया था
फिर क्या था दोस्तों मेरे सिर से सिंदूर उठ चुका था और मेरा सब कुछ एक ही पल में लुट चुका था इस बड़े हादसे के बाद दुनिया में बस मैं और मेरा बेटा ही एक दूसरे का आखिरी सहारा बनकर रह गए थे
दिल्ली की उस दर्दनाक यादों भरी जगह से दूर निकलने के लिए मैंने वहां की सारी प्रॉपर्टी बेच दी और हम दोनों हमेशा के लिए नैनीताल आ गए
यहां आकर मैंने अपने बेटे के भविष्य के लिए उसे एक सुंदर सा गेस्ट हाउस दिलवा दिया जिसकी देखरेख और पूरा काम वो खुद ही संभालने लगा और धीरे-धीरे भगवान की दया से हमारी जिंदगी में सब कुछ फिर से नॉर्मल चलने लगा
नैनीताल में सब कुछ ठीक तो चल रहा था पर धीरे-धीरे मुझे अपने जीवन में पति की कमी बहुत ज्यादा महसूस होने लगी थी मेरे दिल का दुख दर्द बांटने वाला अब कोई नहीं रहा था और मैं समझ नहीं पा रही थी कि मैं किससे अपने मन की बात को शेयर करती
उसी दौरान गर्मियों की बात है जब मेरा बेटा मेरा मन बहलाने के लिए मुझे गोवा घुमाने ले गया वहां पर हम दोनों रुके थे और हमारा वास्को में एक अच्छा सा होटल था शाम को आराम से खाना खाकर मेरा बेटा कमरे में एक रम की बोतल लेकर आ गया क्या वह मेरी उदासी को कम करने की कोशिश कर रहा था दरअसल मैं पहले भी कभी कभार पीती थी इसलिए हम दोनों मां बेटे उस शाम को एक साथ पीने बैठ गए वहां से बातों का एक ऐसा सिलसिला चल पड़ा कि अपनी पुरानी यादों और बातों को दुहराते हुए पेग पे पेग अंदर जाते रहे फिर कभी जोर से हंसना कभी रोना तो कभी एक दूसरे को बहुत ज्यादा प्यार करना और ढाढस दिलाना यही काम चलने लगा धीरे-धीरे रात गहराने के साथ ही नशा काफी बढ़ गया था क्या उस नशे की हालत में हम अपनी सुध बुध पूरी तरह से खोने वाले थे उस वक्त हम दोनों एक-दूसरे का हाथ थामे बैठे थे और रात काफी हो गई थी नशे के भारीपन में हम दोनों लड़खड़ाते हुए खड़े हुए तभी अचानक मेरा संतुलन बिगड़ गया और मैं गिरने लगी उसने फुर्ती से आगे बढ़कर मुझे थाम लिया पर मैं अपना पूरा वजन उसके ऊपर दे चुकी थी मेरी दोनों चूचियां उसकी छाती पे आ गई और उस समय मैं केवल एक ढीले-ढाले नाइट गाउन में थी जिसके कारण मुझे खुद को संभालने में और भी ज्यादा दिक्कत हो रही थी पता नहीं क्या हुआ कि वो भी नशे की उस हालत में खुद पर काबू नहीं रख पाया और उसने मुझे और भी कसकर अपनी बाहों में जकड़ लिया उस पल हम दोनों ही अपनी सुध-बुध पूरी तरह से खो चुके थे वो मेरी चूचियों को सहलाने लगा और मैं भी अपने आप को रोक नहीं पाई और मैंने अपने बेटे के होठ चूसने लगी देखते ही देखते हम दोनों वाइल्ड हो गए और उस मदहोशी के आलम में फिर हम दोनों पूरी तरह से एक-दूसरे के करीब आ गए और फिर एक-दूसरे के जिस्म को अपने जिस्म में रगड़ने लगे जिससे उस शांत कमरे की गर्मी और भी ज्यादा बढ़ती चली गई सुमीत का लंड बहुत मोटा और लंबा हो गया था मेरी चूचियां तन गई थी हम दोनों आई लव यू कहते हुये गरम-गरम जोर जोर से सांसे ले रहे थे मेरा हाथ उसके बालों को और छाती पे सहला रहा था और होठ चूस रहे थे सुमीत मेरी गांड के छेद में उंगली कभी करता कभी मेरी चूत को सहलाता मेरी चूत गीली हो चुकी थी फिर मैंने उसके लंड को पकड़ के जोर जोर से हिलाने लगी मेरा बेटा आह्ह आह्ह्ह ओह्ह्ह आई लव यू मां कह रहा था वह मेरी आंखों में आंखें डालकर बहुत ही भावुक होकर कह रहा था कि अब मुझे जिंदगी में किसी भी चीज की जरूरत नहीं मुझे मां के साथ-साथ मेरी बीवी मेरी गर्ल फ्रेंड मिल गई है दोस्तों फिर क्या बताऊं उसने बहुत ही प्यार से मेरे बाल खोल दिए और वो खुले हुए बाल मेरे कंधों पर बिखर गए उस पल कमरे का पूरा माहौल और भी ज्यादा रोमांटिक और खुशनुमा हो गया था और मेरी चूचियों को पीने लगा मेरे निप्पल लाल लाल और टाइट हो गए थे उस मदहोश कर देने वाले माहौल में मेरे तन-बदन में काफी आग लग चुकी थी और मेरी भावनाएं पूरी तरह से मेरे काबू से बाहर हो चुकी थीं जिसके बाद मैं सब कुछ भूलकर बस उस अहसास में बहती चली गई मैं सुमीत का लंड अपने मुंह में लेके चूसने लगी ऐसा लग रहा था की दुनिया का कोई भी आइस क्रीम इससे बढ़िया नहीं हो सकता वो अपनी दांत को पीस रहा था और आह्ह आह्ह्ह ओह्ह्ह आह्ह कह रहा था मैं अपने कंठ तक लंड को ले रही थी उसके बाद मैं फिर से ऊपर चढ़ी और दोनों टांगो को फैला दी और लंड को अपनी चूत के पास ले ली और अपनी चूत को अपने बेटे के लंड से रगड़ने लगी उस गहरे नशे और जज्बात के सैलाब में मेरा बेटा कह रहा था मां तुम अब मत तड़पाओ मैंने उसकी आंखों में देखते हुए बहुत ही दीवानगी के साथ कहा नहीं बेटा थोड़ा और रूक जाओ मैं बहुत प्यासी हूं फोरप्ले करने के लिए आज बरसों बाद यह खूबसूरत मौका मिला है जब जिंदगी की सारी उलझनों और परेशानियों से दूर हम दोनों को इस तरह सुकून के कुछ पल साथ बिताने का अवसर नसीब हुआ है आज तो मेरी रात पूरी रंगीन होगी और बरसों का यह अकेलापन और उदासी हमेशा-हमेशा के लिए दूर हो जाएगी क्योंकि आज जिंदगी ने मुझे फिर से मुस्कुराने की एक नई वजह दे दी है उसके बाद मैं फिर 69 पोजीशन में हो गई वो मेरी चूत चाट रहा था और मैंने उसका लंड दोस्तों हम दोनों ने एक दूसरे के गुप्तांग को करीब 10 मिनट तक चाटा उस खास माहौल में अब मुझे काफी जोश आ गया था और मेरे अंदर एक नई ऊर्जा का संचार होने लगा था जिसने मेरे मन के सारे डर और हिचकिचाहट को पूरी तरह से खत्म कर दिया था मैं तुरंत सीधी हुयी और होठ को चूमते हुये अपना जीभ उसमे मुंह में डाल दी वो उनके बाद मैं उसका लंड पकड़ी और अपनी चूत पे सेट की और अंदर दबा ली मेरी आह निकल गई क्यों की मेरी चूत काफी टाइट हो गई थी क्यों की बरसों से लंड का दर्शन नहीं हुआ था मेरे बेटे का लंड काफी बड़ा था मेरे चूत के अंदर तक पहुंच गया और फिर खेल स्टार्ट हुआ चुदाई का क्या बताऊं दोस्तों मेरे होटल के कमरे में सिर्फ फच-फच की आवाज और हाय हाय-हाय की आवाज आ रही थी उस रात की खामोशी में हम दोनों एक-दूसरे को खूब मजे दे रहे थे और जिंदगी के सारे दुखों को भुलाकर बस उस खूबसूरत पल का आनंद ले रहे थे जहां कोई फिक्र नहीं थी और एक दूसरे के जिस्म को चाट रहे थे फिर मैं नीचे आ गई और मेरा बेटा ऊपर चढ़ गया मेरी टांग को अलग अलग किया फिर मेरी चूत से निकले हुये पानी को पहले अच्छे तरह से चाट गया और फिर अपना लंड मेरे चूत के मुंह पे सेट किया और जोर जोर से चोदने लगा फिर मेरी टांग को वो अपने कंधे पर रख दिया और मेरी चौड़ी गांड के बीच में जोर जोर से लंड मारने लगा उसने मुझे खूब अच्छे तरीके से चोद रहा था और मुझे बहुत मस्ती आ रही थी करीब एक घंटे तक चोदने के बाद मेरा बेटा झड़ गया मैंने तो पहले ही दो तीन बार झड़ चुकी थी उस कमरे के शांत माहौल में फिर हम दोनों एक-दूसरे को सहलाते हुए बेहद गहराई से प्यार कर रहे थे समय जैसे हमारे लिए पूरी तरह थम गया था और हम अपनी ही बनाई एक नई दुनिया में खोए हुए थे जहां हमारे अलावा और कोई नहीं था फिर दोनों साथ में नहाये वो मेरे बदन में साबुन लगाया और मैं उसके बदन को फिर तो उस दिन के बाद हम दोनों को अब किसी चीज की कमी नहीं थी और हमारी जिंदगी का अकेलापन हमेशा-हमेशा के लिए दूर हो गया था हम दोनों ने एक-दूसरे में ही अपनी पूरी दुनिया ढूंढ ली थी और अब हमें किसी बाहरी सहारे की कोई जरूरत महसूस नहीं होती थी हम दोनों साथ सोते और सेक्स करते अब आदत बन गई थी रात में तो चुदाई होनी ही है दोस्तों हम दोनों ने कभी भी किसी प्रोटेक्शन का इस्तेमाल नहीं किया था इसलिये मेरे पेट में अब सुमीत का बच्चा पल रहा है मैं इस बच्चे को जन्म दूंगी मैंने सोच लिया है मैंने मन ही मन यह फैसला कर लिया है कि फिर से मैं किसी दूसरे शहर चली जाऊंगी अगर वहां जाकर लोग हमारे बारे में तरह-तरह के सवाल पूछेंगे तो मैं उनसे सीधे कह दूंगी कि मेरे पति की मौत दो महीना पहले ही हो गई है ताकि कोई हमारी जिंदगी में दोबारा दखल न दे सके और फिर अपने बच्चे को जन्म दूंगी कैसी लगी आपको मेरी sex stories in hindi incest मुझे जरूर बताना और maa beta sex story पढ़ने के लिए आप sexy kahani com पर आते रहे यहां पर आपको बहुत सारी sex stories in hindi incest पढ़ने को मिलेगी