हैल्लो दोस्तों,
मेरा नाम मयंक है और ये बात आज से करीब 3 साल पहले की है। मेरी दुकान पर एक पूनम नाम की भाभी आया करती थी, वैसे उन्हें सिर्फ़ भाभी कहना ग़लत होगा, क्योंकि वो तो हूर जैसी थी। उनका रंग एकदम दूध की मलाई की तरह गोरा था और उन्हें जहाँ से पकड़ लो तो गुलाब की पंखुड़ियों की तरह लाल पड़ जाए। उनकी हाईट लगभग 5 फुट 3 इंच, बिल्कुल सिल्की बाल जो नागिन की तरह ल़हराते थे। उनका फिगर बहुत मस्त था और वो मारवाड़ी थी। उनका स्तन जैसे हमेशा ब्लाउज फाड़कर बाहर आने को तत्पर रहता था और पेट एकदम सटा हुआ और कमर एकदम थिक। वो हमेशा साड़ी इस तरह से पहनती थी कि उनका पेट और नाभि हमेशा दिखता था।
जब मैंने पहली बार उन्हें देखा तो मुझे ऐसा लगा कि ये बहुत भारी माल है, अपनी औकात से बहार है और ये मेरे हाथ नहीं आने वाली, लेकिन किस्मत को तो कुछ और ही मंज़ूर था।
पहली बार वो मेरे दूकान पर तेल लेने आई थी। फिर उनके बाद हमारी मुलाक़ते बढ़ती रही। वो कभी-कभी दोपहर में आती थी तो हमारी थोड़ी बहुत बातें होती। फिर वो बातें हलके फुल्के फ्लर्ट में बदली और फिर हम घंटों बैठकर बातें करने लगे क्योंकि दोपहर में वैसे भी कोई ग्राहकी नहीं रहती।
उनका शौहर खाड़ी देश में नौकरी करता था, जो 2-3 साल में एक दो बार ही आता था और आदमी जब आता था तो बेचारी कही नहीं जाती थी। वो अपने शौहर से खुश नहीं थी, क्योंकि वो कठोर इंसान था।
उनके घर में उनकी सास रहती थी। बस हमारे मिलने के एक साल के बाद उनकी सास चल बसी और अब वो घर पर अकेली रहते हुए बोर हो जाती थी। ये बात जब उसने मुझसे कही तो मैंने कहा कि घर का काम निपटाकर शॉप पर आ जाया करो, आपका भी दिल लगा रहेगा और मेरा भी दिल लग जायेगा। वो बोली में क्या दिल बहलाने वाली चीज़ हूँ? जो आपका दिल लगा रहेगा। फिर मैंने कहा नहीं आप तो दिल से लगाकर रखने वाली चीज़ हो। वो शरमा गई और जाते हुए बोली कि इस शनिवार से आऊँगी और फिर जल्दी भी नहीं जाऊँगी।
अब मुझे इंतज़ार था तो बस शनिवार का। उस दिन में भी शॉप पर बड़ा सजधज कर गया और सोचा कि अब से रोज़ मज़ा आयेगा। फिर वो लगभग 12 बजे आई और उसे देखते ही मेरी 12 बज गई, क्या ग़ज़ब का सफ़ेद कलर का टाईट कुर्ता था? और उनके नीचे सफ़ेद लेगी। उनके पूरे पैर ऐसे लग रहे थे कि बस अभी उन्हें खा जाऊं। फिर जब वो मेरे पास आकर बैठी तो बोली ऐसे क्यों देख रहे हो? मुझे पहली बार देखा है क्या?
मैंने कहा लड़कियां तो बहुत देखी है, लेकिन आज तो हूर-ए-जन्नत को देखा है। फिर शर्म के मारे उसका चहेरा लाल पड़ गया। उस दिन के बाद हमारी करीबियां भी बढ़ने लगी। फिर उस साल दीवाली के बाद मेरे घरवाले दो सप्ताह के लिए बाहर एक रिश्तेदार के यहाँ शादी में गये तो मैंने कहा कि अब से हम रोज़ बाहर रेस्त्रां में खाना खाया करेंगे तो वो बोली ठीक है। फिर उनके बाद ठंड बढ़ने लगी।
फिर 4 दिन के बाद मैंने उससे कहा कि आज मैं आपको घर छोड़ कर आता हूँ और आज आप डिनर पर लाल साड़ी पहनना, मैं इतने में खाना पैक करवा कर लाता हूँ। फिर मैंने उनको घर छोड़ा और खाना पैक करवाने के बाद मैंने गुलाब जामुन लिए और उनके घर की तरफ चल दिया और जब में घर पहुँचा तो लॉक करने से पहेले ही उन्होंने दरवाजा खोल दिया और उसको देखते ही मैं चौक गया। उसने क्या साड़ी पहनी थी? लाल शिफान साड़ी। फिर मैंने उससे बोला कि मुझे आज यही रुकना पड़ेगा तो वो बोली तो रुक जाओ ना। मैं समझ गया कि आज आग दोनों तरफ लगी है। फिर खाना खाने के बाद मैंने कहा कि चलो टी।वी देखते है। अब साथ मैं बैठकर टीवी देखते-देखते बातें सेक्स तक पहुँच गई और वो मायूस होने लगी।
फिर मैंने कहा क्या हुआ? आपका शौहर अच्छा नहीं है क्या? तो वो बोली शौहर तो अच्छे है, लेकिन वो सिर्फ़ वाइल्ड है और मुझे रोमांस पसंद है। उन्होंने मुझे कभी आज तक किस नहीं किया है। और वो आते भी तो इतने समय में एक दो बार ही हैं। ये कहते हुए उनके होंठ थरथराने लगे और में उनके और पास चला गया और धीरे से उनकी कमर पर हाथ रखते हुए उसको अपनी तरफ दबा लिया और प्यार से उनके होंठो पर अपने होंठो को रख दिया।
अब होंठ रखते ही वो मेरे ऊपर आ गई और मेरे होंठो को एक भूखी बाघिन की तरह चूसने लगी, मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे ये उनकी जिंदगी का आखरी किस है। अब होंठ चूसते-चूसते मैंने उसको कसकर पकड़ लिया था और किस करते हुए ही उसको बेडरूम में ले गया और वहाँ जाकर बेड पर लेटा दिया और प्यार से उनकी साड़ी का पल्लू हटाते ही उनके बूब्स पर अपनी उंगलियां फैरने लगा और प्यार से बीच में किस भी किया। अब उनकी साँसे किसी ट्रेन के इंजन से भी तेज़ चल रही थी और उसका बदन किसी भट्टी की तरह तप रहा था। इतने में उसने मुझे मेरी शर्ट से पकड़कर मुझे वापस अपनी तरफ खींचा और किस करने लगी। अब मैंने किस करते हुए उनके ब्लाउज के हुक खोल दिए। अंदर उसने ब्रा नहीं पहनी थी और फिर में बूब्स को नीचे से पकड़कर धीरे-धीरे दबाने लगा। अब उसने मेरे होंठ छोड़ दिए और वो सिसकारियां भरने लगी।
अब में उनकी गर्दन पर, आँखों पर, सब जगह किस करने लगा। उनके बूब्स पर किस करने लगा और उनको दबाने और चूसने लगा। वो बोली कि आई लव यू, प्लीज ऐसा मत करो, में हमेशा के लिए आप्हारी हूँ। फिर मैंने कहा अब से आप मेरी ही हो जाओगी। अब मैंने उनके गोरे-गोरे बूब्स दबाते हुए धीरे से उनकी निप्पल पर चिकोटी काटी तो वो मुस्कुराते हुए बोली कि इतना धीरे मत करो कि मेरी जान ही निकाल दो। फिर मैंने उनके बूब्स चूसना शुरू किया और बहुत देर तक चूसने के बाद उनको मसलने लगा। फिर उसने उठकर अपनी साड़ी और पेटीकोट उतार दिया और अब वो अपनी काली पेंटी उतारने लगी। मैंने कहा कि इस पर मेरा हक़ है तो फिर वो वापस लेट गई।
अब मैंने भी मेरे पूरे कपड़े उतार कर सिर्फ़ अंडरवियर छोड़ दिया और उनके ऊपर आकर उनके पेट को चाटने लगा और धीरे-धीरे नीचे की तरफ आते हुए उनकी नाभि पर आकर रुक गया और उसको चूसने लगा। फिर मैंने मेरा हाथ नीचे लगाया, तो मुझे महसूस हुआ कि उनकी चूत में से इतना पानी आ रहा था कि बेडशीट गीली हुये जा रही थी। फिर में नीचे की तरफ आया तो मुझे शरारत सूझी और मैंने उनकी पेंटी के ऊपर से चूत को किस करते हुए, उनकी जाँघो पर किस किया। इससे वो और तड़प गई और कहने लगी कि आप बहुत गंदे हो और मुझे तड़पाते हो। फिर मैंने उनकी पेंटी के ऊपर से किस किया तो उनकी एक लंबी सिसकारी छूट पड़ी। फिर वो बोली कि बहुत ठंड लग रही है, अब तो कुछ करो।
फिर मैंने उनकी पेंटी को अपने दांतों से उतार दिया और मैंने देखा कि उनकी चूत में से अमृत की धारा बह रही थी जो कि बहुत ही मस्त थी। अब वो बिना स्पर्श के ही निकल रही थी। फिर मैंने उनकी चूत पर किस करते हुए अपनी जीभ उनकी चूत के अंदर डाली और प्यार से चूसने लगा, और खूब जबरदस्त चूसने के बाद चुदाई का मौसम आया।
फिर मैंने अपना 7 इंच लंबा लंड निकाला और उनके हाथों में थमा दिया। वो बोली मेरे शौहर का तो काला नाग है, लेकिन आपका तो प्यारा पोपट पूरा गुलाबी है, मेरा मन कर रहा है कि अभी इसे खा जाऊं। तो मैंने कहा क्यों नहीं? आज अपनी हर इच्छा पूरी कर लो। अब इतना कहते ही उसने मेरा लंड अपने मुँह में लिया और चूसने लगी। अब वो चूसते-चूसते बोली कि बस अब डाल दो, नहीं तो में मर जाउंगी। फिर मैंने उनकी दोनों जाँघो को अपने कंधो पर रखते हुए धीरे से अपने लंड को उनकी चूत में धकेल दिया और धीरे-धीरे चूत में अन्दर डालता चला गया। अब वो जैसे जैसे अंदर जा रहा था, उनकी साँसे ऊपर चढ़ती जा रही थी और लंड सीधा जाकर उनकी बच्चेदानी से टकराया और उनकी जान निकल गई। अब वो बिल्कुल बेहोश सी हो गई थी और फिर मैंने धीरे-धीरे धक्के मारते हुए उसको खूब चूसा, खूब चूमा। अब 1 घंटे की जबरदस्त चुदाई में वो चार बार डिसचार्ज हुई और मैं 2 बार डिसचार्ज हुआ। उस रात के बाद हम आज तक एक शौहर बीवी की तरह रहते है। और हमारा एक बच्चा भी है लेकिन उसके पति को ये बात नहीं पता है।